बाइक की पिछली सीट पर बैठा लड़का किसी किराना स्टोर का कर्मचारी लगता है
यह लड़का अरबपति बिजनेस मैन सावजी ढोलकिया का बेटा द्रव्य ढोलकिया है सावजी ढोलकिया की संपत्ति 12 लाख करोड़ रूपए से अधिक मानी जाती है उनके पास तीन कारपोरेट जेट है 185 करोड़ रुपए में मुंबई में एक घर है
सावजी अरबों रूपए की कंपनी हरी कृष्ण एक्सपोर्ट्स के मालिक हैं चार साल पहले वे सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अपने 1200 कार्यकर्ताओं को दिवाली बोनस के रूप में गाड़ियां और अपार्टमेंट दिए थे और यह हर साल अपने कर्मचारियों को कार फ्लैट जेवर इत्यादि देते है
सावजी ढोलकिया ने देखा कि मारवाड़ी लोग अपने बेटों को पढ़ाई खत्म होते ही सीधे गद्दी पर बैठा देते थे, इससे उनके बेटे जीवन की जमीनी कठिनाइयों को जिंदगी में नहीं समझ पाथे थे जो जीवन व ब्यावसाय के लिये सबसे जरूरी होता है सावजी ढोलकिया अपने बेटे द्रव्य ढोलकिया को जीवन की कठिनाई का पाठ पढ़ाना चाहते थे
इसलिए उन्होंने द्रव्य ढोलकिया को एक चुनौती दी की किसी अनजान जगह जाओ और मेरा नाम इस्तेमाल किए बिना नौकरी ढूंढो, अपनी मेहनत से कमाओ और खाओ फिर कुछ सालों बाद मेरे पास आना, ये 7000/- हजार रूपए लो और ये रुपये केवल आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल करने होंगे
द्रव्य ढोलकिया कोच्चि चला गया उसके पास कुछ कपड़े और केवल 7000/- रूपए थे। चुनौती यह भी थी कि द्रव्य ढोलकिया को एक जगह पर एक हफ्ते से ज्यादा नहीं रुकना है और इस चुनौती के दौरान 5 दिनों तक द्रव्य के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी और ना ही नौकरी थी उसने परिवार गरीब होने का झूठ बोला और उसे 60 जगहों से ना सुनने को मिली आखिर उसे एक बेकरी पर काम मिला वहां कमाई 4000/- प्रति महीना थी लेकिन द्रव्य नौकरी बदलता रहा
मुझे 40/- रूपए में एक समय का भोजन मिल रहा था और 250/- हर दिन एक लॉज का खर्च था, जो मेरे लिए कठिन था, लगभग 2 सालों तक द्रव्य ढोलकिया ने जिंदगी की कठिनाइयों को समझा, उसके बाद सावजी ढोलकिया ने उसे अपनी कंपनी में निदेशक के पद पर बैठाया ।
अधिक लाड़ प्यार मे बच्चो का जीवन बर्बाद करने की बजाय हर माता-पिता को अपने बच्चों को "काकून से होकर तितली" बनने तक का सफर अकेले तय करने देना चाहिये अर्थात संघर्ष का एहसास कराना चाहिए