मंगलवार, 10 मार्च 2026

ब्लड रिलेशन में गिफ्ट डीड (Gift Deed) की मुख्य बातें

 ब्लड रिलेशन (रक्त संबंध) (माता-पिता, बच्चे, पति-पत्नी, भाई-बहन) में गिफ्ट डीड एक कानूनी दस्तावेज है, जिसके द्वारा संपत्ति बिना पैसे के ट्रांसफर की जाती है। इस पर बहुत कम स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क लगता है और यह उपहार के रूप में प्राप्त करने पर आयकर से मुक्त है, जिसे सब-रजिस्ट्रार के पास रजिस्टर कराना अनिवार्य है।

ब्लड रिलेशन में गिफ्ट डीड (Gift Deed) की मुख्य बातें:
  • रक्त संबंध का दायरा: माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चे (बेटा-बेटी), भाई-बहन, दादा-दादी, पोता-पोती, ससुर-बहू, और दत्तक बच्चों को इसमें शामिल किया जाता है।
  • स्टाम्प ड्यूटी और फीस: ब्लड रिलेशन में प्रॉपर्टी गिफ्ट करने पर स्टाम्प ड्यूटी काफी कम होती है। कई राज्यों में यह एक फिक्स मामूली राशि (जैसे ₹1,000-₹5,000) या प्रॉपर्टी वैल्यू का सिर्फ 1% हो सकता है
  • रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: गिफ्ट डीड को रजिस्टर करना अनिवार्य है। इसके लिए दो गवाहों की आवश्यकता होती है।
  • रद्द करने की प्रक्रिया: यदि गिफ्ट डीड में शर्त के अनुसार ट्रांसफर नहीं हुआ है या धोखाधड़ी हुई है, तो इसे अदालत में चुनौती देकर रद्द किया जा सकता है, अन्यथा यह स्वैच्छिक और स्थायी होता है।
  • आयकर (Income Tax): निकट संबंधियों से प्राप्त उपहार पर कोई आयकर (Income Tax) नहीं लगता है।
  • प्रक्रिया: एक वकील के माध्यम से डीड तैयार करें, स्टाम्प ड्यूटी भरें, और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में गवाहों के साथ जाकर पंजीकरण कराएं। 
नोट: स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क हर राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं।

रविवार, 8 मार्च 2026

* सूचना आयोग में द्वितीय अपील या शिकायत का लंबे अरसे तक निराकरण न होने पर यह करें

* सूचना आयोग में द्वितीय अपील या शिकायत का लंबे अरसे तक निराकरण न होने पर यह करें -

 सूचना आयोग को पत्र लिख कर आपके प्रकरण का जल्दी निपटारा करने का अनुरोध करें ।
 ऐसा लिखित और मौखिक अनुरोध संबंधित सूचना आयुक्त से मिल कर करेंगे तो ज्यादा प्रभावी होगा।

सूचना आयुक्त के नाते हमने ऐसे अनुरोध मिलने पर द्वितीय अपीलों का 1 से 3 महीने के भीतर निपटारा किया है।

इसके अलावा सूचना आयोग के लोक सूचना अधिकारी के नाम आरटीआई लगा कर आपकी द्वितीय अपील पंजीयन क्रमांक...पर अभी तक आयोग द्वारा की गई कार्यवाही की प्रमाणित जानकारी मांग सकते हैं।
     इससे आपकी केस फाइल संबंधित सूचना आयुक्त के संज्ञान में आ जाएगी और जल्दी निपटारे के आसार बन जाएंगे।

गुरुवार, 5 मार्च 2026

अपनी शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी पाने का अधिकार है शिकायतकर्ता को

🔅अपनी शिकायत पर की गई कार्यवाही की जानकारी पाने का अधिकार है शिकायतकर्ता को🔅

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कोई भी शिकायतकर्ता अपनी शिकायत पर हुई प्रगति या कार्यवाही की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है।
     ​इसका पूरा तरीका और आवेदन का प्रारूप -
​1. आवेदन कहाँ करें ?
​आपको उसी विभाग के लोक सूचना अधिकारी (PIO/APIO) को आवेदन देना होगा, जहाँ आपने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

​2. आवेदन में क्या लिखें ? 
​अपनी आरटीआई में निम्न विशिष्ट जानकारी मांगें, ताकि विभाग गोल-मोल जवाब न दे सके -

• ​शिकायत का विवरण : आरटीआई के साथ अपनी शिकायत की छाया प्रति और उसे प्रस्तुत करने का प्रमाण संलग्न करें ।
अपनी शिकायत की तारीख, पावती संख्या (Receipt/Diary Number) और विषय का स्पष्ट उल्लेख करें।
• ​दैनिक प्रगति (Daily Progress) :  
आपकी शिकायत पर अभी तक जिस जिस अधिकारी ने जिस जिस तिथि पर जो जो कार्यवाही की, उसकी प्रमाणित प्रति मांगे।
•✓​संबंधित दस्तावेज : 
शिकायत से संबंधित जांच रिपोर्ट (Inquiry Report), अधिकारियों की टिप्पणियां (File Notings) और शिकायत पर लिए गए अंतिम निर्णय की प्रमाणित प्रति मांगें।
• ​देरी का कारण :
यदि निर्धारित समय सीमा में कार्यवाही नहीं हुई है, तो उन अधिकारियों के नाम और पद की जानकारी मांगे, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।
• ​नियमों की प्रति : 
उस नियम या चार्टर की प्रति मांगें, जिसके तहत आपकी शिकायत का निपटारा किया जाना चाहिए था।

​3. आरटीआई आवेदन का प्रारूप (Draft) -
​सेवा में,
लोक सूचना अधिकारी,
(विभाग का नाम और पता यहां लिखें)
​विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना हेतु आवेदन।
​महोदय,
मैंने दिनांक [तारीख लिखें] को एक शिकायत दर्ज की थी, जिसका विवरण निम्न है :
​शिकायत का विषय: ........................
​पावती/डायरी संख्या: ........................
शिकायत की छाया प्रति भी संलग्न है। 
​अतः मुझे उक्त शिकायत के संबंध में निम्न जानकारी प्रमाणित प्रतियों में उपलब्ध कराएं -
1-​ मेरी शिकायत पर अब तक की गई कार्यवाही की दैनिक प्रगति रिपोर्ट (Daily Progress Report) प्रदान करें।
2-​ मेरी शिकायत जिस-जिस अधिकारी के पास गई, उनके पास वह जितने समय तक रही और उन्होंने उस पर जो-जो टिप्पणी (File Notings) की, इन सबकी जानकारी देने का कष्ट करें।
3-​ यदि इस शिकायत की कोई जांच (Investigation) की गई है, तो जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति प्रदान करें।
4- ​यदि शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है, तो संबंधित दोषी अधिकारियों के नाम और पद बताएं जिन पर कार्यवाही न करने के लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
5-​ विभागीय नियमों के अनुसार, इस प्रकार की शिकायत के निवारण के लिए निर्धारित अवधि और संबंधित संबंधित नियम की प्रति दें।
​संलग्नक:
​१० रुपये का शुल्क (Postel Order/Cash/Online).
​शिकायत की पावती (Receipt) की फोटोकॉपी।
​भवदीय,
(आपका नाम, हस्ताक्षर और पूरा पता)
(मोबाइल नंबर)

​4. काम की बातें -
 • केंद्र और सभी राज्यों व केंद्र शासित क्षेत्रों में सूचना के आवेदन के साथ ₹10 का शुल्क संलग्न करना होता है।     

BPL कार्ड धारकों को यह शुल्क नहीं देना होता है, बशर्ते कि वे अपनी आरटीआई के साथ अपने बीपीएल होने का सत्यापित प्रणाम संलग्न करें।

• ​समय सीमा : 
लोक सूचना अधिकारी के लिए यह अनिवार्य है कि वह सूचना का आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर आवेदन का निराकरण कर आवेदक को सूचित करे।

* ​प्रथम अपील : 
यदि लोक सूचना अधिकारी से 30 दिनों के भीतर आवेदन का कोई जवाब आवेदक को न मिले, या जानकारी अधूरी या गलत या अस्पष्ट मिले तो आवेदक अगले 30 दिनों के भीतर उसी विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील कर सकता है।  

* प्रथम अपीलीय अधिकारी के लिए यह अनिवार्य है कि वे प्रथम अपील प्राप्त होने की तिथि से 30 दिन के भीतर उसका निराकरण करें। 
अपीलीय अधिकारी द्वारा ऐसा नहीं किए जाने पर या गलत आदेश पारित किए जाने पर अपीलार्थी अगले 90 दिनों के भीतर सूचना आयोग में द्वितीय अपील कर सकते हैं। 
यह अंतिम अपील होती है।

राशन कार्ड की दुकान (उचित मूल्य दुकान/FPS) लाइसेंस के लिए आवश्यक मुख्य दस्तावेज (Documents Required for Fair Price Shop)

 

  • व्यक्तिगत दस्तावेज:
    • आधार कार्ड (Adhaar Card)
    • निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड/बिजली बिल/वोटर आईडी)
    • आयु प्रमाण पत्र (शैक्षणिक प्रमाण पत्र/आधार)
    • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (न्यूनतम 10वीं पास)
    • पासपोर्ट साइज फोटो (लगभग 10)
  • दुकान और वित्तीय दस्तावेज:
    • दुकान के स्थान का मालिकाना हक/किरायानामा (15 वर्ग मीटर क्षेत्रफल)
    • दुकान का ब्लू प्रिंट (साइट प्लान और रूट प्लान)
    • बैंक पासबुक/सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट (आवेदक के पास ₹50,000 की कार्यशील पूंजी का प्रमाण)
  • अन्य दस्तावेज:

रविवार, 1 मार्च 2026

Gemini said छत्तीसगढ़ में अनाथ या बेसहारा बच्चों को गोद (Adopt) लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और केंद्रीय संस्था CARA (Central Adoption Resource Authority) के माध्यम से होती है।

 आपको किसी निजी संस्था के बजाय सीधे सरकारी एजेंसियों से संपर्क करना चाहिए। छत्तीसगढ़ में इसके लिए निम्नलिखित स्थान हैं:


1. जिला बाल संरक्षण इकाई (District Child Protection Unit - DCPU)

यह हर जिले में होती है। गोद लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आपको अपने जिले के DCPU कार्यालय में जाना होगा। वहां के जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) आपको पूरी जानकारी देंगे।

2. विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्था (Specialized Adoption Agency - SAA)

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में मान्यता प्राप्त SAA हैं, जहां बच्चे रहते हैं:

  • रायपुर: राज्य स्तरीय दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसी (SARA) का कार्यालय रायपुर में है।

  • अन्य जिले: बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, और सरगुजा जैसे जिलों में भी सरकारी मान्यता प्राप्त 'शिशु गृह' (Child Care Institutions) हैं जो गोद लेने की प्रक्रिया में मदद करते हैं।


गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. पंजीकरण (Registration): सबसे पहले आपको CARINGS पोर्टल (cara.nic.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।

  2. होम स्टडी रिपोर्ट (Home Study Report): सामाजिक कार्यकर्ता आपके घर का दौरा करेंगे और आपकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति की जांच करेंगे।

  3. बच्चे का चयन (Referral): रिपोर्ट पास होने के बाद, आपको पोर्टल पर बच्चों के प्रोफाइल दिखाए जाएंगे।

  4. बच्चे से मिलना: बच्चे को पसंद करने के बाद आप चाइल्ड केयर संस्था में जाकर उससे मिल सकते हैं।

  5. कानूनी प्रक्रिया (Court Order): अदालत द्वारा गोद लेने का आदेश जारी किया जाएगा, जिसके बाद ही गोद लेने की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।

⚜️ सिर्फ एफआईआर लंबित होने पर किसी के पासपोर्ट को सीमित या रद्द नहीं किया जा सकता ; पासपोर्ट रखना और विदेश यात्रा करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न भाग : हाई कोर्ट ⚜️

⚜️ सिर्फ एफआईआर लंबित होने पर किसी के पासपोर्ट को सीमित या रद्द नहीं किया जा सकता ; पासपोर्ट रखना और विदेश यात्रा करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न भाग : हाई कोर्ट  ⚜️

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल में  एक महत्वपूर्ण फैसले में दोहराया है कि पासपोर्ट रखना और विदेश यात्रा करना संविधान के अनुच्छेद 21 (Article 21) के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Liberty) का एक अनिवार्य हिस्सा है।
​जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव (Justice Purushaindra Kumar Kaurav) की पीठ ने
​ योगेश रहेजा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (Yogesh Raheja v. Union of India) के केस में सुरक्षित रखे गए इस निर्णय को
​27 फरवरी 2026 को सार्वजनिक किया है।
​        कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें रहेजा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक का पासपोर्ट इस आधार पर जब्त (Impound) कर लिया गया था कि उन्होंने पासपोर्ट रिन्यूअल के समय अपने खिलाफ लंबित एक FIR की जानकारी नहीं दी थी।
​हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट रखना केवल एक सरकारी सुविधा नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है जो जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार (Article 21) के अंतर्गत आता है।
​राज्य (अर्थात सरकार) की कोई भी कार्रवाई, जो पासपोर्ट रखने के अधिकार को प्रभावित करती है, 
उसे 'तर्कसंगत' (Reasonable) होना चाहिए और 'प्राकृतिक न्याय' (Natural Justice) के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।
​                                     कोर्ट ने पाया कि केवल FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आपराधिक कार्यवाही "लंबित" है। 
जब तक किसी सक्षम न्यायालय द्वारा अपराध का संज्ञान (Cognizance) नहीं लिया जाता, तब तक उसे पासपोर्ट रोकने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
​प्रशासनिक अधिकारियों को पासपोर्ट जब्त करने जैसे कदम उठाने से पहले व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर देना चाहिए।
​याचिकाकर्ता योगेश रहेजा ने अक्टूबर 2024 में पासपोर्ट रिन्यूअल के लिए आवेदन किया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने 17 जनवरी 2025 को उनका पासपोर्ट इस आधार पर जब्त कर लिया कि उन्होंने 2018 की एक FIR का खुलासा नहीं किया था। कोर्ट ने नोट किया कि उस मामले में कोर्ट ने संज्ञान (Cognizance) फरवरी 2025 में लिया था, यानी जब पासपोर्ट जब्त किया गया, तब तकनीकी रूप से मामला अदालत में लंबित नहीं था।

     दिल्ली उच्च न्यायालय ने जोर देकर कहा कि पासपोर्ट से संबंधित कोई भी कार्रवाई उचित, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का अनुरूप और निजी स्वतंत्रता का उल्लंघन न करने वाली होनी चाहिए। सिर्फ एफआईआर लंबित होने पर पासपोर्ट सीमित या रद्द नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने इस आधार पर केंद्र के प्रशासनिक अधिकारियों का आदेश रद्द कर दिया।

Rti प्रश्न वाचक उत्तर

<> आरटीआई में प्रश्नवाचक जानकारी के बारे में भाई सरीन की उपयोगी पोस्ट <> 

जन सूचना अधिकारी (PIO) का यह तर्क कि "प्रश्न पूछना सूचना के अधिकार के दायरे में नहीं आता," अक्सर भ्रामक होता है। आरटीआई कानून की पेचीदगियों को समझ कर आप इसका प्रभावी उत्तर दे सकते हैं।
यहाँ विस्तृत मार्गदर्शन और समाधान की प्रक्रिया दी गई है:
1. कानून क्या कहता है? (धारा 2(f) की व्याख्या):
आरटीआई अधिनियम की धारा 2(f) के अनुसार, "सूचना" का अर्थ है किसी भी रूप में उपलब्ध सामग्री, जिसमें रिकॉर्ड, दस्तावेज, मेमो, ई-मेल, राय, सलाह, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र, आदेश, लॉगबुक, अनुबंध, रिपोर्ट, नमूने और मॉडल शामिल हैं।
 * सच्चाई: यह सही है कि आप पीआईओ से "क्यों" या "कैसे" जैसे दार्शनिक प्रश्न नहीं पूछ सकते, जिनका उत्तर सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद न हो।
 * अधिकार: लेकिन, यदि आपके प्रश्न का उत्तर किसी दस्तावेज, पंजिका (Register) या फाइल नोटिंग में दर्ज है, तो उसे देना अधिकारी का दायित्व है।
2. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का रुख
अनेक फैसलों में CIC ने स्पष्ट किया है कि केवल "प्रश्नवाचक चिन्ह" होने के कारण आवेदन को खारिज नहीं किया जा सकता। यदि नागरिक ने पूछा है कि "अमुक कार्य क्यों नहीं हुआ?", तो विभाग को उस कार्य से संबंधित फाइल नोटिंग की कॉपी देनी चाहिए, जिससे स्पष्ट हो सके कि निर्णय क्या लिया गया था।
3. आपका अगला कदम: प्रथम अपील (First Appeal)
चूंकि आपका आवेदन अमान्य कर दिया गया है, आपको 30 दिनों के भीतर प्रथम अपीलीय अधिकारी (FAA) के समक्ष अपील करनी चाहिए। अपनी अपील में निम्न तर्क लिखें:
 * अभिलेखों की मांग: लिखें कि "मैंने जो जानकारी मांगी है, वह विभाग के रिकॉर्ड का हिस्सा है। यदि पीआईओ को लगता है कि यह 'प्रश्न' है, तो उन्हें संबंधित नियम/दस्तावेज/फाइल नोटिंग की प्रति उपलब्ध करानी चाहिए थी, न कि आवेदन निरस्त करना चाहिए था।"
 * धारा 7(1) का उल्लंघन: तर्क दें कि पीआईओ ने बिना किसी ठोस कानूनी आधार के सूचना देने से मना किया है।
 * मार्गदर्शन का अभाव: पीआईओ का कर्तव्य है कि यदि आवेदन स्पष्ट नहीं है, तो वह आवेदक की सहायता करे (धारा 5(3)), न कि उसे सीधे अमान्य कर दे।
4. आवेदन लिखने का सही तरीका (भविष्य के लिए)
आगे से सूचना मांगते समय भाषा को थोड़ा बदलें ताकि अधिकारी को बहाना न मिले:
| गलत तरीका (प्रश्न पूछना) | सही तरीका (दस्तावेज मांगना) |

 "मेरी सड़क अभी तक क्यों नहीं बनी?" इस प्रश्न की बजाय यह मांग करें-
 "सड़क निर्माण से संबंधित प्रगति रिपोर्ट और देरी के कारणों वाली फाइल नोटिंग की प्रमाणित प्रति दें।" |
| "अधिकारी समय पर दफ्तर क्यों नहीं आते?" इस प्रश्न की जगह यह मांग करें -
 "पिछले एक माह की उपस्थिति पंजिका (Attendance Register) की प्रमाणित छायाप्रति दें।" |
निष्कर्ष :
पीआईओ द्वारा आपके आवेदन को केवल "प्रश्न" कहकर खारिज करना गलत है। आप तुरंत प्रथम अपील दायर करें और उसमें स्पष्ट करें कि मांगी गई जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध है, अतः वह धारा 2(f) के तहत 'सूचना' की श्रेणी में आती है।

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026

📜 विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) क्यों है जरूरी और क्या है इसकी प्रक्रिया, जानिए -

📜 विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) क्यों है जरूरी और क्या है इसकी प्रक्रिया, जानिए -

​नमस्कार बहनों-भाइयों 🙏
​अक्सर लोग शादी तो धूमधाम से कर लेते हैं, लेकिन विवाह पंजीकरण (Marriage Certificate) कराना भूल जाते हैं या इसे गैर-जरूरी समझते हैं। जबकि कानूनी रूप से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

​शादी का रजिस्ट्रेशन इसलिए कराएं :
✅ पासपोर्ट बनवाने के लिए अनिवार्य।
✅ बैंक खाते में नाम बदलने या नॉमिनी बनाने के लिए।
✅ बीमा (Insurance) दावों के निपटारे के लिए।
✅ पति/पत्नी के साथ में विदेश यात्रा का वीजा (Visa) पाने के लिए।
✅ संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में कानूनी सुरक्षा।
✅Rashancard बनाने के लिए

​📝 आवश्यक दस्तावेज (Checklist) -
​आयु प्रमाण : आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट या अन्य कोई मान्य प्रमाण।
​निवास प्रमाण : वोटर आईडी, राशन कार्ड या बिजली बिल या अन्य मान्य प्रमाण।
​शादी का प्रमाण : शादी का कार्ड या मंदिर/संस्था का प्रमाण पत्र।
​फोटोग्राफ : पति-पत्नी की पासपोर्ट साइज फोटो और शादी की संयुक्त फोटो।
​गवाह : कम से कम दो गवाह (पहचान पत्र के साथ)।
लाइव फोटो
शादी का कार्ड
शपत्र पत्र
आवेदन फॉर्म
पंडित का प्रमाण पत्र
भवन की रशीद

​📲 प्रक्रिया
(How to Apply) :
​ऑनलाइन : अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल (जैसे छत्तीसगढ़ के Csc ऋतुराज चॉइस सेंटर/ राजस्थान में Pehchan Portal या MP में e-Nagarpalika) पर जाकर आवेदन करें।
​ऑफलाइन : अपने क्षेत्र के नगर निगम, नगरपालिका या तहसील (SDM ऑफिस) में जाकर फॉर्म जमा करें।

​💡 काम की बात :
शादी के बाद जितनी जल्दी हो सके पंजीकरण करा लें, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचा जा सके।
​शादी के तुरंत बाद प्रमाण पत्र बनवा लेना सबसे बेहतर होता है।

बुधवार, 18 फ़रवरी 2026

NEET योग्यता कोड (2025/2026)

 मुख्य NEET योग्यता कोड (2025/2026):

  • कोड 01: जो छात्र 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहे हैं या परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
  • कोड 02: 12वीं पास कर चुके छात्र (ड्रॉपर्स) जिन्होंने CBSE, ICSE या स्टेट बोर्ड से पढ़ाई की है
  • कोड 03: इंटरमीडिएट या प्री-डिग्री परीक्षा (विज्ञान विषय) उत्तीर्ण छात्र।
  • कोड 04: 12वीं के बाद प्री-प्रोफेशनल/प्री-मेडिकल परीक्षा उत्तीर्ण।
  • कोड 05: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएससी (BSc) के प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण।
  • कोड 06: बीएससी परीक्षा उत्तीर्ण (जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी में से किन्हीं दो विषय हों)।
  • कोड 07: जो भारतीय स्कूल प्रमाण पत्र के समकक्ष परीक्षा (NRI/विदेशी) उत्तीर्ण हों। 
नोट: गलत कोड चुनने पर आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए अपनी शैक्षिक स्थिति के अनुसार सावधानी से चयन करें। 

सोमवार, 9 फ़रवरी 2026

एनपीएस खाता अनफ़्रीज़ कैसे करें - एक विस्तृत गाइड

 आज के डिजिटल युग में, हम एक बटन दबाकर ढेर सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आप घर बैठे आराम से अपनी सेवानिवृत्ति के लिए निवेश कर सकते हैं और अपना एनपीएस बैलेंस देख सकते हैं। लेकिन अगर लॉग इन करने के बाद आप अपना खाता संचालित नहीं कर पा रहे हैं तो क्या होगा? अगर ऐसा होता है, तो हो सकता है कि आपका एनपीएस खाता फ्रीज हो गया हो। चिंता न करें! घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यहां हमारी विस्तृत गाइड है जिसमें बताया गया है कि आप अपना एनपीएस खाता कैसे अनफ्रीज कर सकते हैं ।

 

 

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा खाता फ्रीज हो गया है?

अपना खाता अनफ़्रीज़ करने से पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि वह वास्तव में निष्क्रिय या फ़्रीज़ है। आमतौर पर, आपको एक त्रुटि संदेश मिलेगा जिसमें बताया जाएगा कि आप अब खाते में योगदान करने के योग्य नहीं हैं। एक NPS सब्सक्राइबर के रूप में , आपको एक SMS प्राप्त होगा जिसमें आपको सूचित किया जाएगा कि यदि आप आवश्यक कार्रवाई नहीं करते हैं तो 30 दिनों के भीतर आपका खाता फ़्रीज़ हो सकता है। खाते की स्थिति सक्रिय से फ़्रीज़ होने पर, आपको एक और SMS या ईमेल प्राप्त होगा। यदि आपको कोई सूचना या चेतावनी नहीं मिली है, तो संभवतः वह आपको भेजी जा रही है।

 

मेरा खाता क्यों फ्रीज हो गया है?

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) एनपीएस खातों को केवल एक ही कारण से फ्रीज करता है – न्यूनतम वार्षिक योगदान पूरा न करना। आपको अपने टियर 1 एनपीएस खाते में हर साल कम से कम 1,000 रुपये का निवेश करना होगा। यदि आपका टियर 2 खाता है, तो उसमें भी 250 रुपये का निवेश करना अनिवार्य है। यदि आप अपने टियर 1 खाते के लिए निवेश दायित्व पूरा करने में विफल रहते हैं और आपका खाता फ्रीज हो जाता है, तो आपका टियर 2 खाता भी निष्क्रिय हो जाता है।

कुछ परिस्थितियों में, यदि आपने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए हैं या आपका केवाईसी सत्यापन अभी भी लंबित है, तो आपका एनपीएस खाता फ्रीज हो सकता है।

 

एनपीएस खाते को अनफ्रीज कैसे करें?

 अपनी सेवानिवृत्ति योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए  आपको  अपना एनपीएस खाता शीघ्र ही अनफ्रीज करना होगा। यहां बताया गया है कि आप एनपीएस खाता कैसे अनफ्रीज कर सकते हैं ।

 

  • ऑनलाइन न्यूनतम योगदान करके

eNPS पोर्टल पर जाएं और होम पेज पर 'योगदान' विकल्प पर क्लिक करें। योगदान पृष्ठ पर जाने के लिए आपको अपना PRAN और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। सुनिश्चित करें कि आप प्रति लेनदेन कम से कम 500 रुपये का योगदान करें। CRA ईमेल के माध्यम से भुगतान की पुष्टि करेगा और  NPS खाते को अनफ्रीज कर देगा । एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, आप अपने खाते में लॉग इन करके नियमित रूप से योगदान कर सकते हैं और आर्थिक रूप से सुरक्षित सेवानिवृत्ति का आनंद ले सकते हैं।

 

  • ऑफ़लाइन योगदान करना

यदि आपने बैंक या प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (पीओपी) के माध्यम से एनपीएस खाता खोला है, तो आप इसे ऑफलाइन भी पुनः सक्रिय कर सकते हैं। पीओपी आपका अधिकृत संपर्क बिंदु बन जाता है, जो आपके सभी योगदान और निकासी की सुविधा प्रदान करता है।  एनपीएस खाते को अनफ्रीज करने के लिए आवश्यक योगदान करने हेतु अपने निकटतम पीओपी पर जाएँ । आपको केंद्र पर अपने डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) या क्रॉस्ड चेक के साथ एनपीएस योगदान निर्देश पर्ची (एनसीआईएस) जमा करनी होगी। इस फॉर्म में आपका पीआरएएन और अन्य खाता विवरण शामिल होते हैं। आप फॉर्म को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं या पीओपी से इसकी एक प्रति प्राप्त कर सकते हैं। डीडी और चेक पीओपी संग्रहण राशि - एनपीएस ट्रस्ट के नाम पर जारी किए जाने चाहिए। प्रक्रिया पूरी होने पर, राशि एनसीआईएस पर उल्लिखित पीआरएएन के साथ पंजीकृत खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।

 

  • केवाईसी अस्वीकृति से निपटना

केवाईसी अस्वीकृति के कारण आपका एनपीएस खाता फ्रीज हो सकता है। यदि आप इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो  अपने एनपीएस खाते को अनफ्रीज करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा :

  • पंजीकरण फॉर्म की हार्ड कॉपी प्राप्त करें, उस पर अपनी तस्वीर लगाएं और हस्ताक्षर करें।
  • फॉर्म में दिए गए पते के अनुसार निकटतम पीओपी (PoP) पर जाकर भौतिक सत्यापन करवाएं। यहां आपके पते, पहचान और पैन कार्ड की जानकारी सत्यापित की जाएगी।
  • पंजीकरण फॉर्म को पीओपी अधिकारी से भरवाकर, हस्ताक्षर करवाकर और मुहर लगवा लें। सुनिश्चित करें कि फॉर्म में कर्मचारी का पहचान पत्र शामिल हो।
  • सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, फॉर्म को पीओपी पर जमा करें।

एक बार जब आपकी जानकारी CRA सिस्टम में अपडेट हो जाती है, तो आपका PRAN सक्रिय हो जाता है। आपको ईमेल के माध्यम से एक अपडेट प्राप्त होगा, जिसके बाद आप अपने भविष्य के लिए योगदान देना शुरू कर सकते हैं।

 

एक बार प्रक्रिया समझ में आ जाने पर,  एनपीएस खातों को अनफ्रीज करना आसान हो जाता है । लेकिन, हमारा मानना ​​है कि बचाव इलाज से बेहतर है। अपने खातों को निष्क्रिय या फ्रीज होने से बचाने के लिए, अपनी जानकारी को अपडेट करते रहें और आवश्यकतानुसार योगदान करते रहें।

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

राजपत्र (Gazette) की मुख्य बातें:

 राजपत्र (Gazette of India) भारत सरकार का आधिकारिक प्रकाशन और कानूनी दस्तावेज है, जिसमें सरकार अपने आधिकारिक फैसलों, नए नियमों, कानूनों, अधिनियमों, और राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) की नियुक्तियों को प्रकाशित करती है। यह सरकार द्वारा आम जनता को सूचित करने का एक आधिकारिक माध्यम है, जो न्यायालयों में प्रमाण के रूप में मान्य होता है।

राजपत्र (Gazette) की मुख्य बातें:
  • आधिकारिक प्रकाशन: यह केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचना है, जिसे "भारत का राजपत्र" या "Gazette of India" कहा जाता है।
  • सामग्री: इसमें सरकारी नीतियों, नियमों में परिवर्तन, नियुक्तियां, तबादले, और सार्वजनिक सूचनाएं शामिल होती हैं।
  • कानूनी मान्यता:
     राजपत्र में प्रकाशित कोई भी जानकारी कानूनी दस्तावेज मानी जाती है
  • उपयोग: इसका उपयोग नाम बदलने (Name Change), धर्म बदलने, जन्म-मृत्यु के रिकॉर्ड, और सरकारी नियुक्तियों के सत्यापन के लिए किया जाता है।
  • प्रकार: ये साप्ताहिक रूप से या असाधारण मामलों (Extraordinary Gazette) में प्रकाशित होते हैं।
उदाहरण: जब किसी व्यक्ति को अपना नाम या सरनेम आधिकारिक तौर पर बदलना होता है, तो वह राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification) के माध्यम से ही किया जाता है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026

nsdl pan card physical application form sending address

 For those who selected the physical mode of submission for their online PAN application through the NSDL (now Protean eGov Technologies Limited) portal, the required documents must be sent to the following Pune address: 


Protean eGov Technologies Limited
INCOME TAX PAN SERVICES UNIT
4th Floor, Sapphire Chambers,
Baner Road, Baner,
Pune - 411045 
Submission Instructions
  • Required Documents: The signed acknowledgment slip, affixed with photographs (for individuals), any demand draft, and proofs of identity, address, and date of birth must be enclosed.
  • Aadhaar: It is mandatory to quote your Aadhaar number, and a copy of the Aadhaar letter should be enclosed.
  • Envelope Labeling:
    The envelope must be superscribed with "APPLICATION FOR PAN -- N-15 digit Acknowledgement Number" (e.g., "APPLICATION FOR PAN -- N-881010200000097")
    .
  • Time Limit: The acknowledgment and documents should reach the Protean office within 15 days from the date of the online application. 
Note that if you used paperless modes such as e-KYC/e-Sign, there is no need to send physical documents. 
You can track the status of your application on the Protean PAN portal.

utiitsl pan card sending address

 The physical application documents for a UTIITSL PAN card should generally be sent to one of their regional processing centers. The appropriate address depends on your location or region of application. 


Here are the primary regional addresses for sending PAN card documents to UTIITSL:
  • Western Region (Navi Mumbai):
    UTI Infrastructure Technology and Services Limited, Plot No 3, Sector 11, CBD Belapur, Navi Mumbai: 400614.
  • Eastern Region (Kolkata):
    UTI Infrastructure Technology and Services Limited, 29, N. S. Road, Ground Floor, Opposite Gilander House and Standard Chartered Bank, Kolkata: 700001.
  • Southern Region (Chennai):
    UTI Infrastructure Technology and Services Limited, D-1, 1st Floor, Thiru- Vi- Ka Industrial Estate, Guindy, Chennai: 600032.
  • Northern Region (New Delhi):
    UTI Infrastructure Technology and Services Limited, 1/28 Sunlight Building, Asaf Ali Road, New Delhi: 110002.
     
Important Guidelines for Sending Documents:
  • Timeline: Documents, including the signed acknowledgment form and required proofs, must generally reach the specified office within 15 days of your online application submission.
  • Envelope Labeling: Super-scribe the envelope with "APPLICATION FOR PAN - Acknowledgment Number" (e.g., 'APPLICATION FOR PAN - 881010100000097').
  • Protean (NSDL) Address: Note that the Pune address (4th Floor, Sapphire Chambers, Baner Road, Baner, Pune - 411045) is for applications made through the Protean (formerly NSDL) portal, not UTIITSL. 
For more specific guidance or to confirm the nearest application centre, you can use the official UTIITSL PAN Application Centres finder or contact their customer care at +91 33 40802999