सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कोई भी शिकायतकर्ता अपनी शिकायत पर हुई प्रगति या कार्यवाही की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है।
इसका पूरा तरीका और आवेदन का प्रारूप -
1. आवेदन कहाँ करें ?
आपको उसी विभाग के लोक सूचना अधिकारी (PIO/APIO) को आवेदन देना होगा, जहाँ आपने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
2. आवेदन में क्या लिखें ?
अपनी आरटीआई में निम्न विशिष्ट जानकारी मांगें, ताकि विभाग गोल-मोल जवाब न दे सके -
• शिकायत का विवरण : आरटीआई के साथ अपनी शिकायत की छाया प्रति और उसे प्रस्तुत करने का प्रमाण संलग्न करें ।
अपनी शिकायत की तारीख, पावती संख्या (Receipt/Diary Number) और विषय का स्पष्ट उल्लेख करें।
• दैनिक प्रगति (Daily Progress) :
आपकी शिकायत पर अभी तक जिस जिस अधिकारी ने जिस जिस तिथि पर जो जो कार्यवाही की, उसकी प्रमाणित प्रति मांगे।
•✓संबंधित दस्तावेज :
शिकायत से संबंधित जांच रिपोर्ट (Inquiry Report), अधिकारियों की टिप्पणियां (File Notings) और शिकायत पर लिए गए अंतिम निर्णय की प्रमाणित प्रति मांगें।
• देरी का कारण :
यदि निर्धारित समय सीमा में कार्यवाही नहीं हुई है, तो उन अधिकारियों के नाम और पद की जानकारी मांगे, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।
• नियमों की प्रति :
उस नियम या चार्टर की प्रति मांगें, जिसके तहत आपकी शिकायत का निपटारा किया जाना चाहिए था।
3. आरटीआई आवेदन का प्रारूप (Draft) -
सेवा में,
लोक सूचना अधिकारी,
(विभाग का नाम और पता यहां लिखें)
विषय : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना हेतु आवेदन।
महोदय,
मैंने दिनांक [तारीख लिखें] को एक शिकायत दर्ज की थी, जिसका विवरण निम्न है :
शिकायत का विषय: ........................
पावती/डायरी संख्या: ........................
शिकायत की छाया प्रति भी संलग्न है।
अतः मुझे उक्त शिकायत के संबंध में निम्न जानकारी प्रमाणित प्रतियों में उपलब्ध कराएं -
1- मेरी शिकायत पर अब तक की गई कार्यवाही की दैनिक प्रगति रिपोर्ट (Daily Progress Report) प्रदान करें।
2- मेरी शिकायत जिस-जिस अधिकारी के पास गई, उनके पास वह जितने समय तक रही और उन्होंने उस पर जो-जो टिप्पणी (File Notings) की, इन सबकी जानकारी देने का कष्ट करें।
3- यदि इस शिकायत की कोई जांच (Investigation) की गई है, तो जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति प्रदान करें।
4- यदि शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है, तो संबंधित दोषी अधिकारियों के नाम और पद बताएं जिन पर कार्यवाही न करने के लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
5- विभागीय नियमों के अनुसार, इस प्रकार की शिकायत के निवारण के लिए निर्धारित अवधि और संबंधित संबंधित नियम की प्रति दें।
संलग्नक:
१० रुपये का शुल्क (Postel Order/Cash/Online).
शिकायत की पावती (Receipt) की फोटोकॉपी।
भवदीय,
(आपका नाम, हस्ताक्षर और पूरा पता)
(मोबाइल नंबर)
4. काम की बातें -
• केंद्र और सभी राज्यों व केंद्र शासित क्षेत्रों में सूचना के आवेदन के साथ ₹10 का शुल्क संलग्न करना होता है।
BPL कार्ड धारकों को यह शुल्क नहीं देना होता है, बशर्ते कि वे अपनी आरटीआई के साथ अपने बीपीएल होने का सत्यापित प्रणाम संलग्न करें।
• समय सीमा :
लोक सूचना अधिकारी के लिए यह अनिवार्य है कि वह सूचना का आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर आवेदन का निराकरण कर आवेदक को सूचित करे।
* प्रथम अपील :
यदि लोक सूचना अधिकारी से 30 दिनों के भीतर आवेदन का कोई जवाब आवेदक को न मिले, या जानकारी अधूरी या गलत या अस्पष्ट मिले तो आवेदक अगले 30 दिनों के भीतर उसी विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील कर सकता है।
* प्रथम अपीलीय अधिकारी के लिए यह अनिवार्य है कि वे प्रथम अपील प्राप्त होने की तिथि से 30 दिन के भीतर उसका निराकरण करें।
अपीलीय अधिकारी द्वारा ऐसा नहीं किए जाने पर या गलत आदेश पारित किए जाने पर अपीलार्थी अगले 90 दिनों के भीतर सूचना आयोग में द्वितीय अपील कर सकते हैं।
यह अंतिम अपील होती है।
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