जन सूचना अधिकारी (PIO) का यह तर्क कि "प्रश्न पूछना सूचना के अधिकार के दायरे में नहीं आता," अक्सर भ्रामक होता है। आरटीआई कानून की पेचीदगियों को समझ कर आप इसका प्रभावी उत्तर दे सकते हैं।
यहाँ विस्तृत मार्गदर्शन और समाधान की प्रक्रिया दी गई है:
1. कानून क्या कहता है? (धारा 2(f) की व्याख्या):
आरटीआई अधिनियम की धारा 2(f) के अनुसार, "सूचना" का अर्थ है किसी भी रूप में उपलब्ध सामग्री, जिसमें रिकॉर्ड, दस्तावेज, मेमो, ई-मेल, राय, सलाह, प्रेस विज्ञप्ति, परिपत्र, आदेश, लॉगबुक, अनुबंध, रिपोर्ट, नमूने और मॉडल शामिल हैं।
* सच्चाई: यह सही है कि आप पीआईओ से "क्यों" या "कैसे" जैसे दार्शनिक प्रश्न नहीं पूछ सकते, जिनका उत्तर सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद न हो।
* अधिकार: लेकिन, यदि आपके प्रश्न का उत्तर किसी दस्तावेज, पंजिका (Register) या फाइल नोटिंग में दर्ज है, तो उसे देना अधिकारी का दायित्व है।
2. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का रुख
अनेक फैसलों में CIC ने स्पष्ट किया है कि केवल "प्रश्नवाचक चिन्ह" होने के कारण आवेदन को खारिज नहीं किया जा सकता। यदि नागरिक ने पूछा है कि "अमुक कार्य क्यों नहीं हुआ?", तो विभाग को उस कार्य से संबंधित फाइल नोटिंग की कॉपी देनी चाहिए, जिससे स्पष्ट हो सके कि निर्णय क्या लिया गया था।
3. आपका अगला कदम: प्रथम अपील (First Appeal)
चूंकि आपका आवेदन अमान्य कर दिया गया है, आपको 30 दिनों के भीतर प्रथम अपीलीय अधिकारी (FAA) के समक्ष अपील करनी चाहिए। अपनी अपील में निम्न तर्क लिखें:
* अभिलेखों की मांग: लिखें कि "मैंने जो जानकारी मांगी है, वह विभाग के रिकॉर्ड का हिस्सा है। यदि पीआईओ को लगता है कि यह 'प्रश्न' है, तो उन्हें संबंधित नियम/दस्तावेज/फाइल नोटिंग की प्रति उपलब्ध करानी चाहिए थी, न कि आवेदन निरस्त करना चाहिए था।"
* धारा 7(1) का उल्लंघन: तर्क दें कि पीआईओ ने बिना किसी ठोस कानूनी आधार के सूचना देने से मना किया है।
* मार्गदर्शन का अभाव: पीआईओ का कर्तव्य है कि यदि आवेदन स्पष्ट नहीं है, तो वह आवेदक की सहायता करे (धारा 5(3)), न कि उसे सीधे अमान्य कर दे।
4. आवेदन लिखने का सही तरीका (भविष्य के लिए)
आगे से सूचना मांगते समय भाषा को थोड़ा बदलें ताकि अधिकारी को बहाना न मिले:
| गलत तरीका (प्रश्न पूछना) | सही तरीका (दस्तावेज मांगना) |
"मेरी सड़क अभी तक क्यों नहीं बनी?" इस प्रश्न की बजाय यह मांग करें-
"सड़क निर्माण से संबंधित प्रगति रिपोर्ट और देरी के कारणों वाली फाइल नोटिंग की प्रमाणित प्रति दें।" |
| "अधिकारी समय पर दफ्तर क्यों नहीं आते?" इस प्रश्न की जगह यह मांग करें -
"पिछले एक माह की उपस्थिति पंजिका (Attendance Register) की प्रमाणित छायाप्रति दें।" |
निष्कर्ष :
पीआईओ द्वारा आपके आवेदन को केवल "प्रश्न" कहकर खारिज करना गलत है। आप तुरंत प्रथम अपील दायर करें और उसमें स्पष्ट करें कि मांगी गई जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध है, अतः वह धारा 2(f) के तहत 'सूचना' की श्रेणी में आती है।
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