रविवार, 1 मार्च 2026

Gemini said छत्तीसगढ़ में अनाथ या बेसहारा बच्चों को गोद (Adopt) लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी और केंद्रीय संस्था CARA (Central Adoption Resource Authority) के माध्यम से होती है।

 आपको किसी निजी संस्था के बजाय सीधे सरकारी एजेंसियों से संपर्क करना चाहिए। छत्तीसगढ़ में इसके लिए निम्नलिखित स्थान हैं:


1. जिला बाल संरक्षण इकाई (District Child Protection Unit - DCPU)

यह हर जिले में होती है। गोद लेने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आपको अपने जिले के DCPU कार्यालय में जाना होगा। वहां के जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) आपको पूरी जानकारी देंगे।

2. विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्था (Specialized Adoption Agency - SAA)

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में मान्यता प्राप्त SAA हैं, जहां बच्चे रहते हैं:

  • रायपुर: राज्य स्तरीय दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसी (SARA) का कार्यालय रायपुर में है।

  • अन्य जिले: बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, और सरगुजा जैसे जिलों में भी सरकारी मान्यता प्राप्त 'शिशु गृह' (Child Care Institutions) हैं जो गोद लेने की प्रक्रिया में मदद करते हैं।


गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. पंजीकरण (Registration): सबसे पहले आपको CARINGS पोर्टल (cara.nic.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।

  2. होम स्टडी रिपोर्ट (Home Study Report): सामाजिक कार्यकर्ता आपके घर का दौरा करेंगे और आपकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति की जांच करेंगे।

  3. बच्चे का चयन (Referral): रिपोर्ट पास होने के बाद, आपको पोर्टल पर बच्चों के प्रोफाइल दिखाए जाएंगे।

  4. बच्चे से मिलना: बच्चे को पसंद करने के बाद आप चाइल्ड केयर संस्था में जाकर उससे मिल सकते हैं।

  5. कानूनी प्रक्रिया (Court Order): अदालत द्वारा गोद लेने का आदेश जारी किया जाएगा, जिसके बाद ही गोद लेने की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें