बार काउन्सिल ऑफ इण्डिया ने पूरे देश में नए नियम बनने तक किसी भी बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगा दी है। आपराधिक इतिहास वाले अधिवक्ता बार एसोसिएशन या बार कॉउन्सिल का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जनवरी 2020 को प्रस्तावित राज्य बार कॉउन्सिल व बीसीआई के अधिवेशन में इस पर अन्तिम निर्णय होगा। इसके साथ ही 10 वर्ष से कम की प्रैक्टिस वाले अधिवक्ताओं को 40 दिवस का निःशुल्क किन्तु अनिवार्य प्रशिक्षण करना होगा तभी उनके लाइसेन्सों का नवीनीकरण हो पाएगा।
मा0 हाईकोर्ट में प्रैक्टिस के लिए कम से कम 2 वर्ष तक जनपद न्याायलय में प्रैक्टिस किया जाना अनिवार्य होगा तभी अधिवक्ता किसी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य बन पायेंगे। मा0 सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस के लिए मा0 हाईकोर्ट में 2 वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य होगी।
साथ ही बीसीआई मा0 सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्तियों की सेवानिवृत्ति उम्र 68 या 70 वर्ष करने हेतु सरकार के पास प्रस्ताव भेजेगी। PCS (J) में आवेदन हेतु न्यूनतम 3 वर्ष अधिवक्ता के रूप में कार्य करने की अहर्ता को पुनः अनिवार्य करने के लिए मा0 सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करेगी।
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