जांजगीर : जहां एक ओर पूरा देश चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार या फिर जिला प्रशासन सभी कोरोना से निपटने के लिए दिन रात परिश्रम कर रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे बेईमान, रिश्वतखोर कर्मचारी भी हैं जो पूरे विभाग की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं।
हाल ही में ताजा मामला जांजगीर का है, जहां वेटरनरी विभाग में पदस्थ उपसंचालक ने अपने ही दफ्तर में काम करने वाले भृत्य से रिश्वतखोरी की। हालांकि एन्टी करप्शन ब्यूरो ने उपसंचालक को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि भृत्य पत्नी के ईलाज के लिए अपना फण्ड निकलना चाह रहा था जिसके एवज में ने उपसंचालक ने 5 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी।
ढाई हजार देने पहुंचा था भृत्य
जांजगीर उपसंचालक वेटरनरी विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 दीपक यादव ने उसी दफ्तर में पदस्थ भृत्य से रिश्वत मांग रहा था। भृत्य अपनी पत्नी के इलाज के लिए जीपीएफ की राशि निकालना चाह रहा था उसी के एवज में 5 हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी। जिसे भृत्य ढाई हजार देने आया था तभी एसीबी की टीम ने दबिश देकर उपसंचालक को दबोच लिया।
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