Not a Love Story:हमारे यहाँ पैन कार्ड, जीवन प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे विभिन्न सहायक दस्तावेज बनाये जाते है | आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र, खाद्य लाईनसेस जैसे प्रमाण पत्र कि ऑनलाईन सेवाएं प्रदान कि जाती है | ई-डिस्ट्रिक्ट सुविधा विवाह प्रमाण पत्र, गुमास्ता लाईसेंस, कि सेवा उपलब्ध है| इसके अलावा हमारे एहाँ राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के विभिन्न दस्तावेज बनाने हेतु ऑनलाईन प्रोसेसिंग कार्य किए जाते हैं। Life Insurance. Motor insurance. Health insurance.
रविवार, 27 दिसंबर 2020
PMGDISHA
सोमवार, 14 दिसंबर 2020
जब द्रौपदी ने कृष्ण की लाज बचाई
सभी जानते हैं कि जब युधिष्ठिर जुए में द्रौपदी को भी हार गए थे और दुष्ट दु:शासन उसको निर्वस्त्र करने का प्रयास कर रहा था द्रौपदी ने कृष्ण का स्मरण किया था तब प्रभु ने द्रौपदी की साड़ी को अन्तहीन कर दिया था और इस प्रकार उसकी लाज बचाई थी। इस चमत्कार का कवि भूषण (?) ने ऐसे वर्णन किया है:
सारी बीच नारी है कि नारी बीच सारी है
नारी ही कि सारी है कि सारी ही कि नारी है
दक्षिण भारत में एक मनोहर आख्यान प्रचलित है जिसमें द्रौपदी ने कृष्ण की लाज बचाई थी:
एक बार पाँचो पान्डव और कृष्ण एक कुंड में स्नान कर रहे हैं। सभी ने केवल लँगोटी पहन रखी है। अकस्मात कृष्ण की लँगोटी खुल जाती है और पानी में चली जाती है। काफी समय बीच चुका है किंतु कृष्ण समझ नहीं पा रहे हैं कि कैसे पानी से निकलें। बगल के कुंड में द्रौपदी सखियों के साथ नहा रही है। वह समझ जाती है कि क्या हो रहा है। वह अपनी साड़ी से एक चीर फाड़ कर कृष्ण की ओर फेंक देती है। कृष्ण बहुत कृतज्ञ होते हैं और वादा करते हैं कि अवसर आने पर वह द्रौपदी के इस ऋण को अवश्य अदा करेंगे।
गुरुवार, 10 दिसंबर 2020
CSC Tale Law :मुफ्त में क़ानूनी सलाह पाये All India Anywhere
सरकार ने न्याय को आसान बनाने के लिए क्षेत्र गरीब और कमजोर लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की 'टेली लॉ' योजना शुरू की है। इस योजना में कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए जरूरतमंदों को वकीलों से मुफ्त कानूनी सहायता मिलेगी।
इस योजना में 'टेली ला' नाम का एक पोर्टल होगा जो कि सभी कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर उपलब्ध होगा। यह पोर्टल प्रौद्योगिकी सक्षम प्लेटफार्मो की सहायता से लोगों को कानूनी सेवा प्रदाताओं से जोड़ेगा। टेली ला के जरिए लोग वीडियो कान्फ्रेंसिंग से कामन सर्विस सेंटर पर वकीलों से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा ला स्कूल क्लीनिकों, जिला विधिक सेवा प्राधिकारियों, स्वयं सेवा प्रदाताओं और कानूनी सहायता और अधिकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों को भी सीएससी से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) राज्यों की राजधानियों से वकीलों का एक पैनल उपलब्ध कराएगा जो जरूरतमंदों को वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये कानूनी सलाह और परामर्श देंगे। टेली ला योजना का शुभारंभ करते हुए विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह सेवा शुरू करके सरकार ने गरीबों तक न्याय और अधिकारिता की पहुंच सुनिश्चित करने का अपना वादा निभाया है।
सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया (CSC e-Governance Services India Ltd) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) दिनेश त्यागी ने कहा कि जम्मू कश्मीर (Jammu & Kashmir) और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों (Notheastern States) में कानूनी परामर्श की मांग को देखते हुए 117 महत्वाकांक्षी जिलों के करीब 30 हजार सीएससी में हाल ही में इस सेवा की शुरुआत की गयी है.
EPF से आप कैसे और कब निकाल सकते हैं पैसे?
EPF में योगदान वैसे तो रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि हमें जॉब के बीच में ही पीएफ से पैसा निकालने की जरूरत पड़ जाती है.अगर आप प्राइवेट जॉब में हैं तो आपके वेतन का एक हिस्सा हर महीने ईपीएफ यानी इम्पलॉई प्रोविडेंट फंड या कर्मचारी भविष्य निधि में जरूर जमा होता होगा. आपको हर महीने की सैलरी स्लिप में इसकी जानकारी भी मिलती होगी.
EPF में योगदान वैसे तो रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि हमें जॉब के बीच में ही पीएफ से पैसे निकालने की जरूरत पड़ जाती है.
अगर आपके सामने भी ऐसी कोई जरूरत आ जाए तो आप आसानी से अपने EPF अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं. ..
अपने पीएफ से आप कितनी रकम निकाल सकते हैं यह आपके पीएफ अकाउंट की स्थिति पर निर्भर करता है. अगर आप अपनी संतान, भाई/बहन या अपनी शादी के लिए पीएफ से रकम निकालना चाहते हैं, तो आपकी तरफ से PF अकाउंट में किये गए योगदान का 50% हिस्सा निकाला जा सकता है.
इसके लिए भी हालांकि यह जरूरी है कि आपको जॉब करते हुए 7 साल पूरे हो गए हों. अपनी या संतान की उच्च शिक्षा के लिए आप EPF अकाउंट में अपने योगदान का 50% रकम ब्याज के साथ निकाल सकते हैं ..
मंगलवार, 8 दिसंबर 2020
गुरुवार, 3 दिसंबर 2020
पैन फॉर्म 60 क्या है?
भारत सरकार ने आय कमाने वाले समूहों और वित्तीय ट्रांजेक्शन करने वाले नागरिकों के लिए पैन कार्ड आनिवार्य कर दिया है। पैन कार्ड को सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ में से एक माना जाता है जिसका लाभ वित्तीय ट्रांजेक्शन, पहचान प्रमाण, टैक्स रिटर्न भरने आदि के लिए लिया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति या कंपनी के पास पैन नहीं है, तो उन्हें ट्रांजेक्शन का लाभ उठाने के लिए संबंधित प्राधिकरण को पैन फॉर्म 60 जमा करना होगा।
भारत का आयकर विभाग टैक्स चोरी या संस्थाओं द्वारा की गई किसी भी धोखाधड़ी गतिविधियों से बचने के लिए वित्तीय ट्रांजेक्शन
को ट्रैक करने के लिए पैन का उपयोग करता है। हालांकि, पैन कार्ड होना ज़रूरी है लेकिन, कुछ ऐसी परिस्थितियां हो सकती हैं, जहां व्यक्ति पैन कार्ड रखने में विफल हो जाते हैं। इसके लिए ट्रांजेक्शन को आगे बढ़ाने के लिए अन्य दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म 60 जमा किया जा सकता है।
पैन फॉर्म 60 क्या है?
यह एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जो उन व्यक्तियों द्वारा पेश किया जाता है जिनके पास वित्तीय ट्रांजेक्शन या बैंक अकाउंट
खोलने केलिए पैन कार्ड नहीं है। फॉर्म 60 का उपयोग प्रॉपर्टी को खरीदने और बेचने,50,000 रु. से अधिक के नगद भुगतान
पर, टैक्स रिटर्न दाखिल करना , व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन और अन्य के लिए किया जाता है। इस मामले में, यदि आपके पास
पैन कार्ड नहीं है, तो वित्तीय ट्रांजेक्शन के लिए फॉर्म 60 एक दस्तावेज़ होना चाहिए।
फॉर्म 60 की अनिवार्यता
फॉर्म 60 की आवश्यकता तब होती है जब किसी व्यक्ति के पास पैन कार्ड नहीं है और नीचे दी गयीं वित्तीय ट्रांजेक्शन करना चाहता है:
- अचल प्रॉपर्टी को खरीदने या बेचने पर, जिसकी कीमत 5 लाख रु. या इससे अधिक है
- किसी भी मोटर वाहन को खरीद या बेचने पर (टू-व्हीलर वाहनों को छोड़कर)
- किसी भी बैंक में 50,000 रु. या इससे अधिक का फिक्स्ड डिपॉज़िट अकाउंट खोलना
- सेविंग बैंक अकाउंट में 50,000 रु. या इससे अधिक जमा करने के लिए
- कोई भी कॉन्ट्रैक्ट जिसकी कीमत 10 लाख रु. या इससे अधिक हो और सिक्योरिटिज़ को खरीदने और बेचने के लिए
- किसी भी वित्तीय संस्थान या बैंक में अकाउंट खोलने के लिए
- मोबाइल फोन समेत टेलीफोन कनेक्शन के लिए आवेदन करने के लिए
- होटल या रेस्टोरेंट में 25,000 रु. या इससे अधिक के बिलों का भुगतान करने के लिए
ऊपर दिए गए वित्तीय ट्रांजेक्शन आम तौर पर व्यक्तियों / कंपनी द्वारा किए जाते हैं, जिसके लिए उन्हें पैन कार्ड की न होने पर फॉर्म 60 की आवश्यकता होती है।
फॉर्म 60 के लिए आवश्यक दस्तावेज़
फॉर्म 60 जमा करने से पहले व्यक्तियों को फॉर्म 60 के साथ-साथ पहचान या प्रमाण पते के प्रमाण प्रदान करने के लिए नीचे दिए गए कुछ दस्तावेज़ों को पेश करना चाहिए। कुछ दस्तावेज़ों में शामिल हैं:
(A) ड्राइविंग लाइसेंस
(B) पासपोर्ट
(C) राशन कार्ड
(D) एक मान्यता प्राप्त संस्थान से पहचान प्रमाण
(E) बिजली बिल या टेलीफोन बिल की कॉपी
( F) फॉर्म में उल्लिखित पते से जुड़ा कोई भी प्रमाण
फॉर्म 60 भरने की प्रक्रिया
पैन कार्ड के बजाय फॉर्म 60 के साथ आगे बढ़ने का फैसला लेने से पहले सभी जानकारियों को जानना महत्वपूर्ण है।फॉर्म भरने और जमा करने से पहले नीचे दी गई सभी बातों को ध्यान में रखें और निम्नलिखित जानकारी उसमें भरें:
- आवेदक का पूरा नाम और पता
- आवदेक की जन्मतिथी और पिता का नाम(व्यक्तिगत के मामले में)
- मोबाइल नंबर के साथ आवेदक का पूरा पता
- ट्रांजेक्शन की जानकारीऔर ट्रांजेक्शन राशि
- यदिआपने टैक्स का आकलन किया है, तो अपनी जानकारी, रेंज, वार्ड या सर्कल का उल्लेख करें जहां आपने अंतिम बार इनकम टैक्स दर्ज किया था
- आधारनंबर भरें, अगर आपके पास है तो
- अगर आपने पैन के लिए आवेदन किया है और पैन नहीं मिला है तो आवेदन की तारीख और रसीद नंबर दें
फॉर्म भरते समय ध्यान रखें कि उसमें किसी भी तरह की कोई गलती या ओवरराइटिंग न हो।
फॉर्म 60 कैसे जमा करें?
फॉर्म 60 जमा करने में ऐसी कोई बड़ी बात नहीं है।फॉर्म में सभी जानकारियों को ध्यान से भरने के बाद कोई भी वित्तीय ट्रांजेक्शन करने से पहले इसे आसानी से संबंधित प्राधिकरण को सौंपा जा सकता है। यह ट्रांजेक्शन करने पर लाभ और प्रमाण को सुनिश्चित करेगा।
संबंधित सवाल
प्रश्न. कब तक मुझे पैन / फॉर्म 60 जमा करना है?
उत्तर: आपको बैंक खाता खोलते समय आदर्श रूप से पैन / फॉर्म 60 जमा करना चाहिए।
प्रश्न. अगर मैं अपना पैन / फॉर्म 60 अपडेट नहीं करता तो क्या होगा?
उत्तर: यदि आपका पैन / फॉर्म 60 अपडेट नहीं है, तो आप 50,000 रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे।
