रायपुर। देश के कई हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। बारिश शुरू होने के साथ ही घरों में सांप-बिच्छू जैसे जीवों के घुस आने की समस्या बढ़ जाती है। सांप से बचने के लिए उसे भगाने की बजाए लोग अक्सर उसे मार देते हैं। जबकि थोड़ी सी समझदारी से हम सांप को मारे बिना उससे बच सकते हैं। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रही नोवा नेचर सोसाइटी के सेक्रेटरी मोइज अहमद कहते हैं कि सांप एक जहरीला जीव है, उससे डरना लाजिमी है लेकिन उसे मारना सही नहीं है।
मोइज अहमद ने बताया कि भारत में पाए जाने वाले सांपों में 20 प्रतिशत ही जहरीले होते हैं, बाकी 80 प्रतिशत जहरीले नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि सांपों को बचाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ये प्रकृति के भोजन चक्र का सबसे अहम हिस्सा हैं, पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत कृषि प्रधान देश है, यहां पाए जाने वाले चूहे फसल का पांचवां हिस्सा चट कर देते हैं। हमारे खेतों में पाए जाने वाले नाग और धामन सांप इन चूहों का शिकार करते हैं जिससे हमारे फसल सुरक्षित रहते हैं। इसलिए सांपों का संरक्षण जरूरी है।
नोवा नेचर सोसाइटी छत्तीसगढ़ में 2005 से काम कर रही है, सोसाइटी ने अब तक प्रदेश के विभिन्न शहरों से 15 प्रजाति के 3000 से ज्यादा सांप रेस्क्यू किए हैं। नोवा नेचर छत्तीसगढ़ की एकमात्र संस्था है जिसे सांप पकड़ने की अनुमति मिली है, बिना अनुमति सांप पकड़ना गैर कानूनी है। संस्था के लोग एक कॉल पर सांप पकड़ने पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ में सांप दिखे तो इन नंबरों पर फोन किया जा सकता है: रायपुर- 9303345640, 9329100065, 9300525486, नया रायपुर-9826117561, दुर्ग-भिलाई- 999 3454757, जशपुर- 9300851869.
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