- परिचय:
- यह योजना लोहार, सुनार, मिट्टी के बर्तन (कुम्हार), बढ़ईगीरी और मूर्तिकला जैसे विभिन्न व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों तथा शिल्पकारों के उत्थान के लिये बनाई गई है, जिसमें सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने एवं उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था व वैश्विक मूल्य शृंखला में एकीकृत करने पर ध्यान दिया गया है।
- इसे एक केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जो पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित होगी।
- हाइलाइट
- 1 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज दर पर पहले चरण में।
- 2 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशर ब्याज दर पर दूसरे चरण में।
- कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा।
- 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड कौशल प्रशिक्षण के दौरान।
- 15,000/- रूपये उन्नत किस्म के औज़ार खरीदने के लिए।
- पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र।
- पहले चरण का लोन चुकाने के लिए 18 महीने दिए जायेंगे।
- दूसरे चरण का लोन चुकाने के लिए 30 माह दिए जायेंगे।
- प्रत्येक डिजिटल ट्रांसक्शन होने पर 1/- रूपये का लाभ मिलेगा।
वेबसाइट - ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
- पीएम विश्वकर्मा योजना हेल्पलाइन नंबर :-
- 18002677777.
- 17923.
- 011-23061574.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी नम्बर :- 011-23061176.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी ईमेल :- dcmsme@nic.in.
- पीएम विश्वकर्मा योजना राज्य वार संपर्क नम्बर।
योजना का अवलोकनयोजना का नाम पीएम विश्वकर्मा योजना। आरंभ होने की तिथि 17 सितम्बर 2023. लाभ - 5% ब्याज दर पर 2 लाख रूपये तक का ऋण।
- कौशल प्रशिक्षण।
- 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड कौशल प्रशिक्षण में।
- औज़ार खरीदने के लिए 15,000/- रूपये।
- पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र।
लाभार्थी पारंपरिक शिल्पकार और कारीगर। नोडल विभाग सूक्ष्म, लघु और मध्यम मंत्रालय। सब्सक्रिप्शन योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। आवेदन का तरीका - पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र द्वारा।
- सीएससी केंद्र में जाकर।
- पीएम विश्वकर्मा योजना हेल्पलाइन नंबर :-
योजना के बारे मे
- पीएम विश्वकर्मा योजना की घोषणा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने अपने 2023-2024 के बजट भाषण के दौरान की थी।
- इस योजना का पूरा नाम पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना अन्य नाम से भी जानी जाती है जैसे "पीएम विकास योजना" या "पीएम विश्वकर्मा स्कीम" या "प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना"।
- दिनांक 16 अगस्त 2023 को केंद्रीय मंत्रिमण्डल की बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी गयी है।
- केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने पीएम विश्वकर्मा योजना को समस्त भारत में लागू करने के लिए दिनांक 17 सितम्बर 2023 का दिन चुना है।
- इस दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और इसी दिन ही विश्वकर्मा जयंती भी है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना अर्थात पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना शुरू करने मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय में बढ़ौतरी कराना है।
- भारत सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के सरल कार्यान्वयन के लिए 13,000/- करोड़ के बजट का प्रावधान रखा है।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम मंत्रालयhttp://http:// इस योजना का सञ्चालन विभाग है।
- सभी पात्र शिल्पकार और कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज की दर पर प्रदान किया जायेगा।
- अगर लाभार्थी द्वारा लिए गए ऋण को समयवधि में वापस कर दिया जाता है तो लाभार्थी पुनः से पीएम विश्वकर्मा योजना में 2 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज की दर से प्राप्त कर सकता है।
- ऋण एक अलावा इच्छुक शिल्पकार और कारीगरों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण भी पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में दिया जायेगा।
- कौशल प्रशिक्षण के दौरान चुने गए लाभार्थियों को 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड भी दिया जायेगा।
- इसके अलावा शिल्पकार और कारीगरों को 15,000/- रूपये की धनराशि उन्नत किस्म के औज़ार खरीदने के लिए भी पीएम विकास योजना में प्रदान किये जायेंगे।
- भारत सरकार द्वारा लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी प्रदान किया जायेगा।
- योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना में 164 से ज़्यादा जातियों के 30 लाख परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
- आधिकारिक तौर पर दिनांक 17-09-2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू किया जायेगा।
- कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजन में निम्नलिखित माध्यम से आवेदन कर सकते है :-
- पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र द्वारा।
- सीएससी केंद्र में जाकर।
पात्रता
- आवेदन भारतीय होना चाहिए।
- आवेदक पारंपरिक शिल्पकार या कारीगर हो।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक को।
- आवेदक द्वारा पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि और मुद्रा योजना का लाभ न लिया गया हो।
पीएम विश्वकर्मा योजना में पात्र पारंपरिक व्यवसाय
- पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना अर्थात पीएम विश्वकर्मा योजना में निम्नलिखित पारंपरिक व्यवसाय करने वाले कारीगर और शिल्पकार इस योजना में लाभ लेने हेतु पात्र होंगे :-
- कारपेंटर। (सुथार)
- नाव बनाने वाले।(बोट मेकर)
- अस्त्र बनाने वाले। (आरमोरर)
- लोहार। (ब्लैकस्मिथ)
- ताला बनाने वाले। (लॉकस्मिथ)
- हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले। (हैमर और टूलकिट मेकर)
- सुनार। (गोल्डस्मिथ)
- कुम्हार। पॉटर)
- मूर्तिकार। (स्कल्पटर)
- मोची। (कॉबलर, शूस्मिथ)
- राजमिस्त्री। (मेसन)
- डलिया, चटाई, झाड़ू बनाने वाले। (कोईर, मैट, ब्रूम मेकर)
- गुड़िया और खिलौने बनाने वाले। (डॉल एंड टॉय मेकर)
- नाई। (बार्बर)
- मालाकार। (गारलैंड मेकर)
- धोबी। (वाशरमैन)
- दर्ज़ी। (टेलर)
- मछली का जाल बनाने वाले। (फिशिंग नेट मेकर)
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित अपेक्षित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी :-
- आधार कार्ड।
- मतदाता पहचान पत्र।
- मोबाइल नंबर।
- बैंक खाते का विवरण।
- आय प्रमाण पत्र।
- कारीगरी से सम्बंधित दस्तावेज़।
- जाति प्रमाण पत्र। (अगर सम्बंधित हो तो)
लाभ लेने की प्रक्रिया
- पात्र कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ ऑनलाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर ले सकते है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र 17 सितम्बर 2023 से पीएम विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
- लाभार्थी को सर्वप्रथम अपने मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड की मदद से पीएम विश्वकर्मा योजना में अपना पंजीकरण करना होगा।
- पीएम विश्वकर्मा योजना के आधिकारिक पोर्टल द्वारा ओटीपी के माध्यम से लाभार्थी के मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड का सत्यापन किया जायेगा।
- सत्यापन हो जाने के पश्चात लाभार्थी के सामने पीएम विश्वकर्मा योजना का पंजीकरण पत्र आ जायेगा।
- कारीगर और शिल्पकार को अपनी निजी और अपने किये जाने वाले कार्य से सम्बंधित जानकारी पीएम विश्वकर्मा योजना के पंजीकरण पत्र में दर्ज़ करनी होगी।
- उसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करते ही लाभार्थी कारीगर और शिल्पकार का पीएम विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण हो जायेगा।
- उसके बाद लाभार्थी को पुनः पीएम विश्वकर्मा योजना की वेबसाइट में जा कर लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन करने के बाद लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना के किसी भी लाभ के लिए आवेदन कर सकता है।
- विश्वकर्मा योजना के आवेदन पत्र को अच्छे भरने के पश्चात सभी दस्तावेज़ो को अपलोड करना होगा।
- उसके बाद पीएम विश्वकर्मा योजना के आवेदन पत्र को जमा कर देना है।
- सम्बंधित अधिकारीयों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों और दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी।
- उसके बाद वित्तीय संस्थानों की मदद से चुने गए कारीगर और शिल्पकारों को बिना किसी जमानत के ऋण प्रदान कर दिया जायेगा।
- कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजना में अपने निकटतम सीएससी केंद्र में जा कर भी आवेदन कर सकते है।
- जल्दी भी पीएम विश्वकर्मा मोबाइल एप्प भी लांच की जाएगी।

महत्वपूर्ण लिंक
- पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र।
- पीएम विश्वकर्मा योजना पंजीकरण।
- पीएम विश्वकर्मा योजना आधिकारिक वेबसाइट।
- पीएम विश्वकर्मा योजना दिशानिर्देश।
- पीएम विश्वकर्मा योजना के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।
सम्पर्क करने का विवरण
- पीएम विश्वकर्मा योजना हेल्पलाइन नंबर :-
- 18002677777.
- 17923.
- 011-23061574.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी नम्बर :- 011-23061176.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी ईमेल :- dcmsme@nic.in.
- पीएम विश्वकर्मा योजना राज्य वार संपर्क नम्बर।
- पीएम विश्वकर्मा योजना में पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :
- मंत्रालय:
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) इस योजना के लिये नोडल मंत्रालय है।
- यह योजना MoMSME, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जाएगी।
- विशेषताएँ:
- मान्यता और समर्थन: योजना में नामांकित कारीगरों व शिल्पकारों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाण पत्र तथा एक पहचान पत्र प्राप्त होगा।
- वे 5% की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपए (पहली किश्त) और 2 लाख रुपए (दूसरी किश्त) तक की संपार्श्विक-मुक्त ऋण सहायता के लिये भी पात्र होंगे।
- कौशल विकास और सशक्तिकरण: इस योजना को सत्र 2023-2024 से सत्र 2027-2028 तक 5 वित्तीय वर्षों के लिये 13,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
- यह योजना कौशल प्रशिक्षण के लिये 500 रुपए प्रतिदिन और आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिये 1,5000 रुपए का अनुदान प्रदान करती है।
- दायरा और कवरेज: इस योजना में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 18 पारंपरिक व्यापार शामिल हैं।
- इन व्यवसायों में बढ़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, दर्जी और अन्य व्यवसायी शामिल हैं।
- पंजीकरण और कार्यान्वयन: विश्वकर्मा योजना के लिये पंजीकरण गाँवों में सामान्य सेवा केंद्रों पर पूरा किया जा सकता है।
- इस योजना के लिये जहाँ केंद्र सरकार धनराशि मुहैया कराएगी, वहीं राज्य सरकारों से भी सहयोग मांगा जाएगा।
- मान्यता और समर्थन: योजना में नामांकित कारीगरों व शिल्पकारों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाण पत्र तथा एक पहचान पत्र प्राप्त होगा।
- उद्देश्य:
- यह सुनिश्चित करना कि कारीगरों को घरेलू और वैश्विक मूल्यशृंखलाओं में निर्बाध रूप से एकीकृत किया जाए, जिससे उनकी बाज़ार पहुँच एवं अवसरों में वृद्धि हो।
- भारत की पारंपरिक शिल्प की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन।
- कारीगरों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन करने और उन्हें वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एकीकृत करने में सहायता करना।
- महत्त्व:
- तकनीकी प्रगति के बावजूद, विश्वकर्मा (पारंपरिक कारीगर) समाज में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- इन कारीगरों को पहचानने और समर्थन करने तथा उन्हें वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एकीकृत करने की आवश्यकता है।
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