मंगलवार, 7 नवंबर 2023

NPS vs APY

 

  • योजना से जुड़ने की उम्र: एनपीएस के तहत 18-55 वर्ष के बीच निवेश शुरू कर सकते हैं जबकि एपीवाई के तहत 18-40 वर्ष के बीच ही शुरू कर सकते हैं यानी एपीवाई के तहत 40 वर्ष की उम्र के बाद रिटायरमेंट की योजना नहीं बना सकते हैं.
  • कौन कर सकता है निवेश: एनपीएस के तहत भारत में रहने वाले नागरिक समेत एनआरआई भी निवेश कर सकते हैं जबकि एपीवाई के तहत सिर्फ भारत में रहने वाले नागरिक ही निवेश कर सकते हैं.
  • पेंशन की गारंटी: एनपीएस के तहत रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती है और यह एन्यूटी खरीदने के लिए इस्तेमाल राशि पर निर्भर करती है जबकि एपीवाई के तहत रिटायरमेंट के बाद न्यूनतम पेंशन (1 हजार, 2 हजार, तीन हजार, चार हजार या पांच हजार रुपये) मिलती ही है.




  • रिटर्न: एनपीएस का पैसा डेट या इक्विटी या दोनों में ही निवेश होता है जिसके चलते इससे कितना रिटर्न मिलेगा, यह बाजार की चाल पर निर्भर करेगा. इसके विपरीत एपीवाई में करीब 8 फीसदी पर रिटर्न फिक्स्ड है और यह इससे अधिक भी हो सकता है.
  • टैक्स बेनेफिट: एनपीएस के तहत 2 लाख रुपये तक का टैक्स बेनेफिट हासिल कर सकते हैं जबकि एपीवाई के तहत किए गए योगदान पर ऐसा कोई फायदा नहीं मिलता है.
  • खातों के प्रकार: एनपीएस के तहत दो प्रकार के खाते खुलवा सकते हैं- टियर 1 और टियर 2. इसके विपरीत एपीवाई के तहत सिर्फ एक प्रकार का ही खाता खुलता है.



  • मेच्योरिटी के पहले निकासी: एनपीएस के तहत मेच्योरिटी से पहले सिर्फ टियर-2 खाते से निकासी कर सकते हैं. इसके विपरीत एपीवाई के तहत सिर्फ निवेशक की असमय मृत्यु या निवेशक के मेडिकल कंडीशन के आधार पर ही मेच्योरिटी से पहले निकासी की मंजूरी मिलती है.
  • निवेश विकल्प: एनपीएस के तहत निवेशक को अपने पैसे निवेश करने के लिए विकल्प चुनने का मौका मिलता है जबकि एपीवाई के तहत ऐसा कोई विकल्प नहीं मिलता है.
  • सरकार का योगदान: एनपीएस के तहत सरकार कोई योगदान नहीं करती है और पूरा योगदान सिर्फ निवेशक का होता है. इसके विपरीत एपीवाई में जितना निवेशक कांट्रिब्यूट करता है, उतनी ही राशि का योगदान सरकार भी करती है.

हाइलाइट्स

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए 2004 में नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) शुरू किया गया था
  • NPS में दो तरह के खाते होते हैं, जिसे टियर 1 और टियर 2 के नाम से जाना जाता है
  • APY में हर माह 1000 रुपये से 5000 रुपये तक पेंशन का प्रावधान है
National Pension Scheme Benefit: देश में इस समय नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी 2 लोकप्रिय पेंशन प्‍लान मौजूद है, जो लोगों की मदद कर रहे हैं। दोनों बेस्‍ट पेंशन प्‍लान हैं, हालांकि दोनों में काफी अंतर है। आज हम आपको बताएंगे कि दोंनों में अंतर क्या है और पात्रता व फायदे क्‍या हैं। अगर हम अंतर की बात करें तो एनपीएस(NPS) कंट्रीब्यूशन पेंशन प्लान है जबकि एपीवाई(APY) बेनिफिट पेंशन प्लान्स हैं। इन पेंशन प्लान में सबसे बड़ा अंतर यह है कि एपीवाई में फिक्स्ड पेंशन का प्रावधान है जबकि एनपीएस मार्केट लिंक्ड पेंशन प्लान और पेंशन की राशि सेविंग पर निर्भर करती है।

NPS खातों के प्रकार (Types of NPS Accounts)
NPS में दो तरह के खाते होते हैं, जिसे टियर 1 और टियर 2 के नाम से जाना जाता है। टियर 1 में 60 साल की उम्र तक फंड विद्ड्रॉल नहीं किया जा सकता है। वहीं टियर 2 में ग्राहक एक बचत खाते की तरह जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकता है।
NPS में फायदा (Benefit in NPS)
  1. NPS से अंतिम निकासी पर भुगतान की छूट की सीमा 60 फीसदी है।
  2. NPS ट्रस्ट को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) से अलग रखा गया है।
  3. सरकारी कर्मचारियों के खातों में सरकार की तरफ से 14 फीसदी योगदान दिया जाता है।
  4. NPS ग्राहक रुपये की कुल सीमा में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD (1) के तहत ग्रॉस इनकम का 10 फीसदी तक टैक्स में डिडक्शन क्लेम कर सकता है।
  5. एन्युटी की खरीद में निवेश की गई राशि भी पूरी तरह कर मुक्त होती है।
  6. 5000 रुपये अधिकतम पेंशन
    APY में हर माह 1000 रुपये से 5000 रुपये तक पेंशन का प्रावधान है। इसमें अलग अलग उम्र के लोगों के लिए योजना में अंशदान भी अलग अलग है। जैसे- अगर आप 18 साल के हैं तो 5000 रुपये पेंशन के लिए मंथली 210 रुपये योगदान देना होगा, वहीं अगर आप 30 साल के हैं तो 577 रुपये मंथली अंशदान करना होगा। इस योजना का लाभ वे लोग ही उठा सकते हैं, जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर हैं।

    APY के फायदे भी जानें (Advantages of APY)
    अगर आप असंगठित क्षेत्र से हैं तो APY में निवेश से आप 60 साल बाद हर माह पेंशन पाने के हकदार हो जाते हैं। APY योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आपकी असामयिक मृत्यु हो जाती है तो आपके परिवार को फायदा जारी रखने का प्रावधान है। अटल पेंशन योजना (APY) में निवेश करने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी और पत्नी की भी मृत्यु होने की स्थिति में बच्चों को पेंशन मिलने का प्रावधान है।


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