सरकार ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India), इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) को प्राइवेटाइजेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया है

सरकार ने निजीकरण के लिए चार सावर्जनिक क्षेत्र के बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया है. जिन बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया गया है उनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India), इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) शामिल हैं. सरकारी बैंकों को बेचकर सरकार राजस्व कमाना चाहती है ताकि उस पैसे का उपयोग सरकारी योजनाओं पर हो सके. अगर आपका खाता इन बैंकों में है तो क्या आपका पैसा सेफ है. आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.
फिलहाल सरकार बैंकिंग सेक्टर में प्राइवेटाइजेशन टू-टायर बैंकों के साथ शुरू करना चाहती है. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने इस महीने की शुरुआत में बजट 2021-22 पेश करते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के प्राइवेटाइजेशन की घोषणा की थी.
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