शनिवार, 30 अप्रैल 2022

Rituraj niti 1078

 आदमी फल छोड़ कचौरी समोसे खाता है, फिर बीमार हो कर अस्पताल जाता है। अस्पताल के बिस्तर पर वह रिश्तेदारों द्वारा लाए गए सेव संतरे और अंगूर खाता है और रिश्तेदार ख़ुद अस्पताल के बाहर बैठ कर समोसे कचौरी खाते हैं।


बस यही जीवन चक्र है, बाक़ी सब मोह माया है😆🤣😂

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022

भगवान शंकर का कल भैरव रूप क्यों है

 एक बार सुमेरु पर्वत पर बैठे हुए ब्रम्हाजी के पास जाकर देवताओं ने उनसे अविनाशी तत्व बताने का अनुरोध किया | शिवजी की माया से मोहित ब्रह्माजी उस तत्व को न जानते हुए भी इस प्रकार कहने लगे - मैं ही इस संसार को उत्पन्न करने वाला स्वयंभू, अजन्मा, एक मात्र ईश्वर , अनादी भक्ति, ब्रह्म घोर निरंजन आत्मा हूँ| 


 मैं ही प्रवृति उर निवृति का मूलाधार , सर्वलीन पूर्ण ब्रह्म हूँ | ब्रह्मा जी ऐसा की पर मुनि मंडली में विद्यमान विष्णु जी ने उन्हें समझाते हुए कहा की मेरी आज्ञा से तो तुम सृष्टी के रचियता बने हो, मेरा अनादर करके तुम अपने प्रभुत्व की बात कैसे कर रहे हो ? 


 इस प्रकार ब्रह्मा और विष्णु अपना-अपना प्रभुत्व स्थापित करने लगे और अपने पक्ष के समर्थन में शास्त्र वाक्य उद्घृत करने लगे| अंततः वेदों से पूछने का निर्णय हुआ तो स्वरुप धारण करके आये चारों वेदों ने क्रमशः अपना मत६ इस प्रकार प्रकट किया - 


 ऋग्वेद- जिसके भीतर समस्त भूत निहित हैं तथा जिससे सब कुछ प्रवत्त होता है और जिसे परमात्व कहा जाता है, वह एक रूद्र रूप ही है | 


 यजुर्वेद- जिसके द्वारा हम वेद भी प्रमाणित होते हैं तथा जो ईश्वर के संपूर्ण यज्ञों तथा योगों से भजन किया जाता है, सबका दृष्टा वह एक शिव ही हैं| 


 सामवेद- जो समस्त संसारी जनों को भरमाता है, जिसे योगी जन ढूँढ़ते हैं और जिसकी भांति से सारा संसार प्रकाशित होता है, वे एक त्र्यम्बक शिवजी ही हैं | 


 अथर्ववेद- जिसकी भक्ति से साक्षात्कार होता है और जो सब या सुख - दुःख अतीत अनादी ब्रम्ह हैं, वे केवल एक शंकर जी ही हैं| 


 विष्णु ने वेदों के इस कथन को प्रताप बताते हुए नित्य शिवा से रमण करने वाले, दिगंबर पीतवर्ण धूलि धूसरित प्रेम नाथ, कुवेटा धारी, सर्वा वेष्टित, वृपन वाही, निःसंग,शिवजी को पर ब्रम्ह मानने से इनकार कर दिया| ब्रम्हा-विष्णु विवाद को सुनकर ओंकार ने शिवजी की ज्योति, नित्य और सनातन परब्रम्ह बताया परन्तु फिर भी शिव माया से मोहित ब्रम्हा विष्णु की बुद्धि नहीं बदली | 


 उस समय उन दोनों के मध्य आदि अंत रहित एक ऐसी विशाल ज्योति प्रकट हुई की उससे ब्रम्हा का पंचम सिर जलने लगा| इतने में त्रिशूलधारी नील-लोहित शिव वहां प्रकट हुए तो अज्ञानतावश ब्रम्हा उन्हें अपना पुत्र समझकर अपनी शरण में आने को कहने लगे| 


 ब्रम्हा की संपूर्ण बातें सुनकर शिवजी अत्यंत क्रुद्ध हुए और उन्होंने तत्काल भैरव को प्रकट कर उससे ब्रम्हा पर शासन करने का आदेश दिया| आज्ञा का पालन करते हुए भैरव ने अपनी बायीं ऊँगली के नखाग्र से ब्रम्हाजी का पंचम सिर काट डाला| भयभीत ब्रम्हा शत रुद्री का पाठ करते हुए शिवजी के शरण हुए|ब्रम्हा और विष्णु दोनों को सत्य की प्रतीति हो गयी और वे दोनों शिवजी की महिमा का गान करने लगे| यह देखकर शिवजी शांत हुए और उन दोनों को अभयदान दिया| 


 इसके उपरान्त शिवजी ने उसके भीषण होने के कारण भैरव और काल को भी भयभीत करने वाला होने के कारण काल भैरव तथा भक्तों के पापों को तत्काल नष्ट करने वाला होने के कारण पाप भक्षक नाम देकर उसे काशीपुरी का अधिपति बना दिया | फिर कहा की भैरव तुम इन ब्रम्हा विष्णु को मानते हुए ब्रम्हा के कपाल को धारण करके इसी के आश्रय से भिक्षा वृति करते हुए वाराणसी में चले जाओ | वहां उस नगरी के प्रभाव से तुम ब्रम्ह हत्या के पाप से मुक्त हो जाओगे |


 शिवजी की आज्ञा से भैरव जी हाथ में कपाल लेकर ज्योंही काशी की ओर चले, ब्रम्ह हत्या उनके पीछे पीछे हो चली| विष्णु जी ने उनकी स्तुति करते हुए उनसे अपने को उनकी माया से मोहित न होने का वरदान माँगा | विष्णु जी ने ब्रम्ह हत्या के भैरव जी के पीछा करने की माया पूछना चाही तो ब्रम्ह हत्या ने बताया की वह तो अपने आप को पवित्र और मुक्त होने के लिए भैरव का अनुसरण कर रही है | 


 भैरव जी ज्यों ही काशी पहुंचे त्यों ही उनके हाथ से चिमटा और कपाल छूटकर पृथ्वी पर गिर गया और तब से उस स्थान का नाम कपालमोचन तीर्थ पड़ गया | इस तीर्थ मैं जाकर सविधि पिंडदान और देव-पितृ-तर्पण करने से मनुष्य ब्रम्ह हत्या के पाप से निवृत हो जाता है

मंगलवार, 26 अप्रैल 2022

1* *KISHAN GOLD CARD - KGC/KCC Loan

 *प्रोडक्ट डिटेल*



*1* *KISHAN GOLD CARD - KGC/KCC Loan*


*#* KGC एग्री लोन VLE/BC भाईओं के लिए उपलब्ध .... जानिए कैसे VLE/BC के भाई ले सकते है फायदा


➡️ *मिनिमम जमीन :* 5 एकर ( 3-5 एकर लोन हिसक्ता है अगर ग्राहक का बिज़नेस या itr हो तोह स्पेशल अप्रूवल से कर सकते हैं)

➡️ *सिंचित जमीन :* ₹60 हज़ार - 1 लाख प्रति एकर

▶️ *असिंचित जमीन :* ₹40 हज़ार प्रति एकर

➡️ *Age :* 18 - 60 Yrs (एप्लिकेंट) - 75Yrs को - एप्लिकेंट )

➡️ *अन्य बेनिफिट्स*

 👉 Rupay प्लैटिनम एटीएम कार्ड उपलब्ध

👉 चेक बुक की सुविधा

👉 निजी दुर्घटना बीमा 2 लाख तक फ्री

👉 प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा उपलब्ध


*Documents* 

1. Adhar card 

2. Voter Card / Pan Card / DL


*## :: किशन कॅश क्रेडिट / ओवर ड्राफ्ट लोन फैसिलिटी भी उपलब्ध* 

*## :: जमीन के साथ अगर ग्राहक ITR है या अन्य बिज़नेस है तोह लोन अमाउंट प्रति एकर ज्यादा मिल सकता है।*   



                                                                                                                                                             *2* *बिज़नेस लोन : VLE / BC*


➡️ सभी VLE /प्रोप्राइटर दुकानदार के लिए है लोन


➡️ * बिजनेस मिनिमम 3 साल पुराना होना चाहिए*

➡️ *ऋण राशि :: ₹30 हज़ार से ₹1 लाख तक*

➡️Age : 25 Yrs - 65 Yrs

➡️ऋण अबधि : 1 - 2 साल तक

➡️ग्राहक का अपना (आवेदक स्वयं/पिता/माता/भाई के स्वामित्य में होना चाहिए)  घर या दुकान 

➡️ *न्युनतम बैंकिंग क्रेडिट :* नवीनतम 6 महीने (  *औसत बैंक बैलेंस : पिछले 6 माह में कम से कम दस हज़ार होना चाहिए*)

➡️ *न्यूनतम ब्यापार लेनदेन :* पिछले 6 महीने में प्रति माह न्यूनतम 4 जमा एंट्री प्रति माह होना जरूरी है


*जरूरी दस्तावेज*

1. Pan card 

2. Adhar card/Voter Card

3. Ownership Proof ( घर/दुकान)

4. बिज़नेस कॉन्टिनुइटी प्रूफ ( निरंतरता प्रमाण पत्र जैसे कि CSC लाइसेंस / गुमास्ता लाइसेंस या अन्य सरकारी दस्तावेज)

5. Banking ( current 6 month )

6. ब्याज दर 16 - 18% मंथली रेडूसिंग दर पे - ग्राहक के क्रेडिट प्रोफाइल पे हिसाब से उपलब्ध   ।


  *3*  *समूह लोन*


**a)* समूह के सदस्य अपने HDFC  शाखा से 25 किमी के दायरे के अंदर होना चाहियें!

*b)* प्रति सदस्य kyc आधार कार्ड एवं परिचय पत्र होना अनिवार्य है!

*c)* सदस्य केवल महिला हो सकती है!

*d)* समूह में कम से कम 6 और अधिक से अधिक 13 सदस्य होना अनिवार्य है!

*e)* समूह के सभी सदस्य एक ही गाँव से स्थायी निवासी होना अनिवार्य है!

*f)* प्रथम वर्ष का लोन  सदस्य 30000 रुपये तथा द्वितीय वर्ष का लोन प्रति सदस्य 40000 रुपये की पात्रता है! रिन्यूअल केस में Rs 45,000/- प्रति सदस्य

*g)* सभी सदस्यों का किस्त का भुगतान मासिक रहेगा जिसे 18 या 24 माह के अवधि में पूर्ण करना होगा!

*H)* एक घर से केवल एक ही सदस्य समूह में होना चाहिए!

*i)* सदस्य को लोन लेने के लिए किसी भी प्रकार के चार्जेस/फीस नही लगती हैं.   



     *4* *पर्सनल लोन - सरकारी वेतन धरि*


➡️पर्सनल लोन इंसेंटिव *₹480 - ₹640* प्रति लाख लोन अदायगी पे 👈

▶️ पर्सनल लोन के लिए ग्राहक का सैलरी खाता HDFC बैंक मैं होना जरूरी नहीं है।


➡️ सरकारी नौकरी -- मिनिमम वेतन Rs 30,000/-

➡️ऋण राशि : ₹50,000/- से

₹40 लाख तक 


💠 ध्यान दे ग्राहक के पुराने पर्सनल लोन पे भी Top Up लोन हो सकता है।


*जरूरी दस्तावेज*

➡️पैन कार्ड 

➡️आधार कार्ड/वोटर कार्ड 

➡️3 महीना सैलरी स्लिप

➡️6 महीना का बैंक स्टेटमेंट जिसमें सैलरी आ रहा होगा 

➡️ब्याज दर : 10.5% से 16% ( 6% - 9% सिंपल इंटरेस्ट)  - *प्रति मासिक कम ब्याज दर पे उपलब्ध*     


  *5* *बाइक लोन*


आवश्यक डॉक्यूमेंट  :-

*1. आधार कार्ड*

*2. पैन कार्ड*

*3. कंसेंट लेटर*

गुरुवार, 21 अप्रैल 2022

एमवे इंडिया पर मार्केटिंग की आड़ में 'पिरामिड फ्रॉड' का आरोप, ED ने कुर्क की 757 करोड़ से अधिक की संपत्ति

 नई दिल्ली. नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी एमवे इंडिया (Amway India) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने सोमवार को बताया कि मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) योजना को बढ़ावा देने वाली कंपनी एमवे इंडिया की 757 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कुर्क किया गया है.



क्यों कुर्क की गई करोड़ों की संपत्ति?
कंपनी पर मल्टीलेवल मार्केटिंग स्कैम चलाने का आरोप है. जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि एमवे इंडिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की अस्थायी रूप से कुर्क संपत्तियों में तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में भूमि और कारखाना भवन, प्लांट और मशीनरी, वाहन, बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं.

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कुर्क कुल 757.77 करोड़ रुपये की संपत्ति में से, अचल और चल संपत्ति 411.83 करोड़ रुपये की है, जबकि शेष एमवे से संबंधित 36 बैंक अकाउंट्स में जमा 345.94 करोड़ रुपये की राशि है.

नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में पिरामिड फ्रॉड चलाने का आरोप

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में खुलासा हुआ कि एमवे डायरेक्ट सेलिंग मल्टी-लेवल मार्केटिंग नेटवर्क की आड़ में पिरामिड फ्रॉड चला रहा है. प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनी पर एक मल्टी लेवल मार्केटिंग ‘घोटाला’ का आरोप लगाया, जहां कंपनी द्वारा पेश किए गए अधिकांश उत्पादों की कीमतें “खुले बाजार में उपलब्ध प्रतिष्ठित निर्माताओं के वैकल्पिक लोकप्रिय प्रोडक्ट्स की तुलना में अत्यधिक थीं.”


प्रवर्तन निदेशालय क्या है और उसका क्या काम है?

प्रवर्तन निदेशालय एक संघीय संस्था है. इसकी स्थापना 01 मई, 1956 को तब हुई थी, जब विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम,1947 (फेरा,1947) के अंतर्गत विनिमय नियंत्रण विधियों के उल्लंघन को रोकने के लिए आर्थिक कार्य विभाग के नियंत्रण में एक ‘प्रवर्तन इकाई’ गठित की गई थी. वर्तमान में यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन एक विशेष वित्तीय जाँच एजेंसी है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. इसके 05 क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई, चेन्नई, चंडीगढ़, कोलकाता तथा दिल्‍ली में हैं.


सोमवार, 4 अप्रैल 2022

DigiPay 2022

 CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड ने उन स्थानों पर आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) शुरू करने के लिए The National Payments Corporation of India (NPCI) के साथ सहयोग किया है, जहाँ CSC व्यवसाय संवाददाता के रूप में कार्य कर रहा है। इस भुगतान प्रणाली को DIGIPAY कहा जाता है।

यह प्रणाली UIDAI की आधार प्रमाणीकरण सेवा का उपयोग करके किसी भी केंद्रीय या राज्य सरकार के संस्थान / इकाई की नरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विकलांग, वृद्धावस्था पेंशन आदि जैसे सरकारी अधिकारों के संवितरण की सुविधा प्रदान करती है।

यह प्रणाली किसी व्यक्ति की जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक / आईरिस सूचना पर आधारित है, जो किसी भी धोखाधड़ी या गैर-वास्तविक गतिविधि के खतरे को कम करती है। आधार नागरिक / ग्राहक के लिए कभी भी, कहीं भी, किसी भी तरह से प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान करता है। यह सेवा वर्तमान में विंडोज़ और एंड्रॉइड आधारित लैपटॉप / डेस्कटॉप / मोबाइल फोन पर काम कर रही है।