शुक्रवार, 24 नवंबर 2023

जरूरी सवाल! RTI Act की कौन सी धाराएं हमारे काम की हैं?

 1. धारा (6)1-    RTI एप्लीकेशन लिखने का अधिकार

2. धारा (6) 3-   अगर एप्लीकेशन गलत विभाग में चली गई है तो वह विभाग इस धारा के तहत सही डिपार्टमेंट को आपका आवेदन भेजेगा. वह भी महज 5 दिन में.

3. धारा (7)5-    इस धारा के अनुसार BPL कार्ड वालों को RTI फाइल करते समय कोई फीस नहीं देना होती.

4. धारा (7)6-    अगर आपकी RTI एप्लीकेशन का जवाब 30 दिन में नहीं आता है, तो सरकार आपको फ्री में सूचना देगी.

5. धारा 18-       अगर किसी अधिकारी से जवाब नहीं आता, तो उसकी शिकायत आप सूचना अधिकारी से कर सकते हैं.

6. धारा 8-         RTI में आपको ऐसी सूचना नहीं मिलेगी, जिससे देश की अखंडता या सुरक्षा खतरे में आ सकती है. साथ ही, किसी विभाग की आंतरिक जांच पर प्रभाव पड़े, ऐसा सूचना भी आपको नहीं दी जाएगी. 

7. धारा (19)1- अगर सरकारी विभाग की तरफ से 30 दिन में आपको जवाब नहीं मिलता है तो इस धारा के तहत आप प्रथम अपील अधिकारी को प्रथम अपील कर सकते हैं.

8. धारा (19)3- अगर आपकी प्रथम अपील का भी जवाब नहीं आता है तो आप इस धारा की मदद से 90 दिन के अंदर दूसरी अपील अधिकारी को अपील कर सकते हैं.

पी.एम. विश्वकर्मा योजना:

 

  • परिचय:
    • यह योजना लोहार, सुनार, मिट्टी के बर्तन (कुम्हार), बढ़ईगीरी और मूर्तिकला जैसे विभिन्न व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों तथा शिल्पकारों के उत्थान के लिये बनाई गई है, जिसमें सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने एवं उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था व वैश्विक मूल्य शृंखला में एकीकृत करने पर ध्यान दिया गया है।
    • इसे एक केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जो पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित होगी।

  • हाइलाइट 
    • 1 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज दर पर पहले चरण में।
    • 2 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशर ब्याज दर पर दूसरे चरण में।
    • कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा।
    • 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड कौशल प्रशिक्षण के दौरान।
    • 15,000/- रूपये उन्नत किस्म के औज़ार खरीदने के लिए।
    • पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र।
    • पहले चरण का लोन चुकाने के लिए 18 महीने दिए जायेंगे।
    • दूसरे चरण का लोन चुकाने के लिए 30 माह दिए जायेंगे।
    • प्रत्येक डिजिटल ट्रांसक्शन होने पर 1/- रूपये का लाभ मिलेगा।
    वेबसाइट

  • ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
    योजना का अवलोकन
    योजना का नामपीएम विश्वकर्मा योजना।
    आरंभ होने की तिथि17 सितम्बर 2023.
    लाभ
    • 5% ब्याज दर पर 2 लाख रूपये तक का ऋण।
    • कौशल प्रशिक्षण।
    • 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड कौशल प्रशिक्षण में।
    • औज़ार खरीदने के लिए 15,000/- रूपये।
    • पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र।
    लाभार्थीपारंपरिक शिल्पकार और कारीगर।
    नोडल विभागसूक्ष्म, लघु और मध्यम मंत्रालय।
    सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
    आवेदन का तरीका
  • योजना के बारे मे

    • पीएम विश्वकर्मा योजना की घोषणा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने अपने 2023-2024 के बजट भाषण के दौरान की थी।
    • इस योजना का पूरा नाम पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना है।
    • पीएम विश्वकर्मा योजना अन्य नाम से भी जानी जाती है जैसे "पीएम विकास योजना" या "पीएम विश्वकर्मा स्कीम" या "प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना"
    • दिनांक 16 अगस्त 2023 को केंद्रीय मंत्रिमण्डल की बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी गयी है।
    • केंद्रीय मंत्रिमण्डल ने पीएम विश्वकर्मा योजना को समस्त भारत में लागू करने के लिए दिनांक 17 सितम्बर 2023 का दिन चुना है।
    • इस दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और इसी दिन ही विश्वकर्मा जयंती भी है।
    • पीएम विश्वकर्मा योजना अर्थात पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना शुरू करने मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय में बढ़ौतरी कराना है।
    • भारत सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के सरल कार्यान्वयन के लिए 13,000/- करोड़ के बजट का प्रावधान रखा है।
    • सूक्ष्म, लघु और मध्यम मंत्रालयhttp://http:// इस योजना का सञ्चालन विभाग है।
    • सभी पात्र शिल्पकार और कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज की दर पर प्रदान किया जायेगा।
    • अगर लाभार्थी द्वारा लिए गए ऋण को समयवधि में वापस कर दिया जाता है तो लाभार्थी पुनः से पीएम विश्वकर्मा योजना में 2 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज की दर से प्राप्त कर सकता है।
    • ऋण एक अलावा इच्छुक शिल्पकार और कारीगरों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण भी पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में दिया जायेगा।
    • कौशल प्रशिक्षण के दौरान चुने गए लाभार्थियों को 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड भी दिया जायेगा।
    • इसके अलावा शिल्पकार और कारीगरों को 15,000/- रूपये की धनराशि उन्नत किस्म के औज़ार खरीदने के लिए भी पीएम विकास योजना में प्रदान किये जायेंगे।
    • भारत सरकार द्वारा लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी प्रदान किया जायेगा।
    • योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।
    • पीएम विश्वकर्मा योजना में 164 से ज़्यादा जातियों के 30 लाख परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
    • आधिकारिक तौर पर दिनांक 17-09-2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना को लागू किया जायेगा।
    • कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजन में निम्नलिखित माध्यम से आवेदन कर सकते है :-

  • पात्रता

    • आवेदन भारतीय होना चाहिए।
    • आवेदक पारंपरिक शिल्पकार या कारीगर हो।
    • आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक को।
    • आवेदक द्वारा पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि और मुद्रा योजना का लाभ न लिया गया हो।

    पीएम विश्वकर्मा योजना में पात्र पारंपरिक व्यवसाय

    • पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना अर्थात पीएम विश्वकर्मा योजना में निम्नलिखित पारंपरिक व्यवसाय करने वाले कारीगर और शिल्पकार इस योजना में लाभ लेने हेतु पात्र होंगे :-
      • कारपेंटर। (सुथार)
      • नाव बनाने वाले।(बोट मेकर)
      • अस्त्र बनाने वाले। (आरमोरर)
      • लोहार। (ब्लैकस्मिथ)
      • ताला बनाने वाले। (लॉकस्मिथ)
      • हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले। (हैमर और टूलकिट मेकर)
      • सुनार। (गोल्डस्मिथ)
      • कुम्हार। पॉटर)
      • मूर्तिकार। (स्कल्पटर)
      • मोची। (कॉबलर, शूस्मिथ)
      • राजमिस्त्री। (मेसन)
      • डलिया, चटाई, झाड़ू बनाने वाले। (कोईर, मैट, ब्रूम मेकर)
      • गुड़िया और खिलौने बनाने वाले। (डॉल एंड टॉय मेकर)
      • नाई। (बार्बर)
      • मालाकार। (गारलैंड मेकर)
      • धोबी। (वाशरमैन)
      • दर्ज़ी। (टेलर)
      • मछली का जाल बनाने वाले। (फिशिंग नेट मेकर)
  • लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

    • पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित अपेक्षित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी :-
      • आधार कार्ड।
      • मतदाता पहचान पत्र।
      • मोबाइल नंबर।
      • बैंक खाते का विवरण।
      • आय प्रमाण पत्र।
      • कारीगरी से सम्बंधित दस्तावेज़।
      • जाति प्रमाण पत्र। (अगर सम्बंधित हो तो)

    लाभ लेने की प्रक्रिया

    • पात्र कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ ऑनलाइन आवेदन पत्र प्रस्तुत कर ले सकते है।
    • पीएम विश्वकर्मा योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र 17 सितम्बर 2023 से पीएम विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
    • लाभार्थी को सर्वप्रथम अपने मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड की मदद से पीएम विश्वकर्मा योजना में अपना पंजीकरण करना होगा।
    • पीएम विश्वकर्मा योजना के आधिकारिक पोर्टल द्वारा ओटीपी के माध्यम से लाभार्थी के मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड का सत्यापन किया जायेगा।
    • सत्यापन हो जाने के पश्चात लाभार्थी के सामने पीएम विश्वकर्मा योजना का पंजीकरण पत्र आ जायेगा।
    • कारीगर और शिल्पकार को अपनी निजी और अपने किये जाने वाले कार्य से सम्बंधित जानकारी पीएम विश्वकर्मा योजना के पंजीकरण पत्र में दर्ज़ करनी होगी।
    • उसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करते ही लाभार्थी कारीगर और शिल्पकार का पीएम विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण हो जायेगा।
    • उसके बाद लाभार्थी को पुनः पीएम विश्वकर्मा योजना की वेबसाइट में जा कर लॉगिन करना होगा।
    • लॉगिन करने के बाद लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना के किसी भी लाभ के लिए आवेदन कर सकता है।
    • विश्वकर्मा योजना के आवेदन पत्र को अच्छे भरने के पश्चात सभी दस्तावेज़ो को अपलोड करना होगा।
    • उसके बाद पीएम विश्वकर्मा योजना के आवेदन पत्र को जमा कर देना है।
    • सम्बंधित अधिकारीयों द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों और दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी।
    • उसके बाद वित्तीय संस्थानों की मदद से चुने गए कारीगर और शिल्पकारों को बिना किसी जमानत के ऋण प्रदान कर दिया जायेगा।
    • कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा योजना में अपने निकटतम सीएससी केंद्र में जा कर भी आवेदन कर सकते है।
    • जल्दी भी पीएम विश्वकर्मा मोबाइल एप्प भी लांच की जाएगी।


  • पीएम विश्वकर्मा योजना आवेदन की प्रक्रिया।

    महत्वपूर्ण लिंक

    सम्पर्क करने का विवरण

  • पीएम विश्वकर्मा योजना में पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :
  • मंत्रालय:
    • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) इस योजना के लिये नोडल मंत्रालय है।
    • यह योजना MoMSME, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जाएगी।
  • विशेषताएँ: 
    • मान्यता और समर्थन: योजना में नामांकित कारीगरों व शिल्पकारों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाण पत्र तथा एक पहचान पत्र प्राप्त होगा।
      • वे 5% की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपए (पहली किश्त) और 2 लाख रुपए (दूसरी किश्त) तक की संपार्श्विक-मुक्त ऋण सहायता के लिये भी पात्र होंगे।
    • कौशल विकास और सशक्तिकरण: इस योजना को सत्र 2023-2024 से सत्र 2027-2028 तक 5 वित्तीय वर्षों के लिये 13,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
      • यह योजना कौशल प्रशिक्षण के लिये 500 रुपए प्रतिदिन और आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिये 1,5000 रुपए का अनुदान प्रदान करती है।
    • दायरा और कवरेज: इस योजना में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 18 पारंपरिक व्यापार शामिल हैं।
      • इन व्यवसायों में बढ़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, दर्जी और अन्य व्यवसायी शामिल हैं।
    • पंजीकरण और कार्यान्वयन: विश्वकर्मा योजना के लिये पंजीकरण गाँवों में सामान्य सेवा केंद्रों पर पूरा किया जा सकता है।
      • इस योजना के लिये जहाँ केंद्र सरकार धनराशि मुहैया कराएगी, वहीं राज्य सरकारों से भी सहयोग मांगा जाएगा।
  • उद्देश्य:
    • यह सुनिश्चित करना कि कारीगरों को घरेलू और वैश्विक मूल्यशृंखलाओं में निर्बाध रूप से एकीकृत किया जाए, जिससे उनकी बाज़ार पहुँच एवं अवसरों में वृद्धि हो।
    • भारत की पारंपरिक शिल्प की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन।
    • कारीगरों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन करने और उन्हें वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एकीकृत करने में सहायता करना।
  • महत्त्व:
    • तकनीकी प्रगति के बावजूद, विश्वकर्मा (पारंपरिक कारीगर) समाज में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    • इन कारीगरों को पहचानने और समर्थन करने तथा उन्हें वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एकीकृत करने की आवश्यकता है।

मंगलवार, 21 नवंबर 2023

Job Notification-03 जिनको जॉब चाहिये वो लिंक को ओपन करके देख ले

 बिलिंग एवं डाटा एंट्री के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता है। MS excel और् Tally की जानकारी होना आवश्यक है, इंग्लिश टाइपिंग आनी चाहिए। समय सुबह 10 बजे से शाम 7:30 बजे तक। वेतन योग्यतानुसार


सम्पर्क


 9713122333

शुक्रवार, 17 नवंबर 2023

जिनको जॉब चाहिये वो लिंक को ओपन करके देख ले

 तुरंत आवश्यकता है यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI)मे आउटसोर्स माध्यम से BRE  पद के लिए

स्थान-  संपूर्ण छत्तीसगढ़ 

योग्यता- 12th or  Graduation 

वेतन- 12000 से 15000 तक

पद- 50

HR contact number- 7587515952

👉 हमारे द्वारा किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस या चार्ज नहीं लिया जाता है यहां जॉब पूर्णता निशुल्क है किसी जरूरतमंद को भेजे ,

मतदाता सूची में अपना वर्तमान सीरियल न व भाग क्रमांक देखने के लिए निचे दिये गये चुनाव आयोग के लिंक पर जाए* 👇👇

 *मतदाता सूची में अपना वर्तमान सीरियल न व भाग क्रमांक देखने के लिए निचे दिये गये चुनाव आयोग के लिंक पर जाए* 👇👇


https://electoralsearch.eci.gov.in/

गुरुवार, 9 नवंबर 2023

वाल्मीकि रामायण के अनसुने रहस्य

 वाल्मीकि रामायण के अनसुने रहस्य 

1- राम और उनके भाइयों के जन्म से पहले, राजा दशरथ और उनकी पहली पत्नी कौशल्या की शांता नाम की एक बेटी थी। कौशल्या की बड़ी बहन वेर्शिनी और उनके पति राजा रोमपाद ने शांता को गोद ले लिया था। जिनका बाद में ऋषि ऋष्यश्रृंग से विवाह हुआ था। 


2- रामायण के प्रत्येक 1000 श्लोकों के बाद पहला अक्षर गायत्री मंत्र बनता है। यह मंत्र प्रतीकात्मक रूप से महाकाव्य रामायण का सार है। गायत्री मंत्र का उल्लेख सबसे पहले सबसे पुराने वेदों में से एक ऋग्वेद में मिलता है। मूल वाल्मिकी रामायण में 24,000 श्लोक हैं। 


3- जब राम मिथिला आये तो वहां कोई स्वयंवर नहीं था। वह विश्वामित्र ही थे, जिन्होंने मिथिला जाने से पहले राम से कहा था कि वह वहां रखा भगवान शिव का एक अमोघ धनुष दिखाएंगे। उस धनुष का नाम पिनाक था जिसका उपयोग भगवान राम ने सीता स्वयंवर में किया था।


4- मूल वाल्मिकी रामायण में लक्ष्मण रेखा का कोई उल्लेख नहीं है। जिस रेखा को पार नहीं किया जा सकता उसके रूपक के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रसिद्ध शब्द वास्तव में सीता की रक्षा के लिए लक्ष्मण द्वारा अपने तीर से खींची गई एक सीमा है। लेकिन संत तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस में भी इस कथा का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है।


5- भगवान लक्ष्मण ने अपनी नींद का त्याग कर दिया, जिसके बाद उनकी पत्नी उर्मिला अपने पति की नींद की भरपाई के लिए 14 साल तक सोती रहीं। जब वे रावण को हराने के बाद अयोध्या लौटे, तो देवी निद्रा तुरंत लक्ष्मण के सामने प्रकट हुईं और जब वह सो गए, तो उर्मिला जाग गईं।


6- वाल्मीकि रामायण के अनुसार जब राम 25 वर्ष के थे तब उन्हें वनवास मिला। वह अयोध्या लौटे और 39 वर्ष की आयु में उनका राज्याभिषेक किया गया। राज्याभिषेक के बाद 30 वर्ष और 6 महीने तक शासन करने के बाद, जब वह लगभग 70 वर्ष के थे, तब राम ने राज्य छोड़ दिया।


7- बाल्मिकी रामायण में सीता को बचाने के प्रयास का श्रेय जटायु को नहीं, बल्कि उनके पिता अरुण को दिया गया है।


8- बाल्मिकी जी ने बताया की धर्म के अनुसार जीवन जीने वाले महाराजा के लिए एक दिन एक वर्ष के बराबर होता है। वर्ष को 360 दिनों और 30 दिनों के 12 महीनों से मिलकर बनाने पर, काव्यात्मक रूप में 11,000 वर्ष, हमें वास्तविक वर्षों की संख्या के रूप में 30 वर्ष और 6 महीने मिलते हैं जब राम ने अयोध्या पर शासन किया था।


9- सुपर्णखा ने अपने पति की हत्या के लिए रावण को मृत्यु का श्राप दिया था। सुपर्णखा का पति राक्षस राजा कालकेय का सेनापति थाद्य जिसका वध रावण ने अपने विश्व विजय अभियान के दौरान कर दिया था ।


10- रावण के पास पुष्पक विमान और भी कई विमान थे जिसमे उपयोग किया एक अन्य प्रसिद्ध विमान दांडू मोनारा है। स्थानीय सिंहली भाषा में, मोनारा का अर्थ है मयूरा, मोर और डंडू मोनारा का अर्थ है "वह जो मोर की तरह उड़ सकता है"।


11- पुल को बनाने में वास्तुकार नील और नाल की देखरेख में पांच दिन में 10 मिलियन वानरों ने निर्माण कराया। जब पुल का निर्माण किया गया था तब इसका आयाम 100 योजन, लंबाई में और 10 योजन सांस में था, जिससे इसका अनुपात 10:1 था।

भारत में धनुषकोडी से श्रीलंका में तलाईमन्नार तक का पुल, जैसा कि वर्तमान समय में मापा गया है, लंबाई में लगभग 35 किमी और चौड़ाई 3.5 किमी है, अनुपात 10:1 है।


12- बाल्मिकी के अनुसार कौशल्या ने कहा था, "यदि तुम्हारे पिता ने ही तुम्हें निर्वासित किया है, तो मैं उन्हें अस्वीकार कर सकती हूं।"

क्योंकि पुराने दिनों में, रानियों को राजा के आदेश को पलटने का अधिकार था। और ये भी कहा “लेकिन अगर कैकेयी ने ही आदेश दिया है, तो तुम्हें जाना ही होगा। निश्चित रूप से, वह आपके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखेगी।''


13- राम को ब्राह्मण वधं प्रयश्चितम् , अर्थात ब्राह्मण रावण की हत्या का प्रायश्चित करना पड़ा। इसलिए अपने राज्याभिषेक के बाद, वह एक विद्वान रावण को मारने का प्रायश्चित करने के लिए अपने भाई के साथ देवप्रयाग गए। देवप्रयाग भारत के उत्तरी भाग उत्तरांचल में है।


14- मंदोदरी रावण की पत्नी थी। वह महान वास्तुकार, गणितज्ञ, खगोलशास्त्री और कुशल इंजीनियर प्रसिद्ध मयासुर की बेटी थीं। मंदोदरी को भारत की प्रतिष्ठित पंचकन्याओं में से एक माना जाता है, भारतीय परंपरा में पांच महिलाओं को उनके आदर्श जीवन के लिए पंचकन्या की उपाधि दी गई है। वे हैं अहल्या, सीता, मंदोदरी, द्रौपदी और तारा।


15- महर्षि वाल्मिकी ने महाग्रंथ रामायण की रचना उत्तर प्रदेश के बिठूर कस्बे में गंगा जी के किनारे स्थित अपने आश्रम में की थी। ऐसा माना जाता है कि, यह वही स्थान है जहां माता सीता ने समाधि ली थी और धरती में समा गयी थीं।

मंगलवार, 7 नवंबर 2023

HDFC Cashless Hospital Network

 How to Check hdfc 

Cashless Hospital Network

NPS vs APY

 

  • योजना से जुड़ने की उम्र: एनपीएस के तहत 18-55 वर्ष के बीच निवेश शुरू कर सकते हैं जबकि एपीवाई के तहत 18-40 वर्ष के बीच ही शुरू कर सकते हैं यानी एपीवाई के तहत 40 वर्ष की उम्र के बाद रिटायरमेंट की योजना नहीं बना सकते हैं.
  • कौन कर सकता है निवेश: एनपीएस के तहत भारत में रहने वाले नागरिक समेत एनआरआई भी निवेश कर सकते हैं जबकि एपीवाई के तहत सिर्फ भारत में रहने वाले नागरिक ही निवेश कर सकते हैं.
  • पेंशन की गारंटी: एनपीएस के तहत रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन मिलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती है और यह एन्यूटी खरीदने के लिए इस्तेमाल राशि पर निर्भर करती है जबकि एपीवाई के तहत रिटायरमेंट के बाद न्यूनतम पेंशन (1 हजार, 2 हजार, तीन हजार, चार हजार या पांच हजार रुपये) मिलती ही है.




  • रिटर्न: एनपीएस का पैसा डेट या इक्विटी या दोनों में ही निवेश होता है जिसके चलते इससे कितना रिटर्न मिलेगा, यह बाजार की चाल पर निर्भर करेगा. इसके विपरीत एपीवाई में करीब 8 फीसदी पर रिटर्न फिक्स्ड है और यह इससे अधिक भी हो सकता है.
  • टैक्स बेनेफिट: एनपीएस के तहत 2 लाख रुपये तक का टैक्स बेनेफिट हासिल कर सकते हैं जबकि एपीवाई के तहत किए गए योगदान पर ऐसा कोई फायदा नहीं मिलता है.
  • खातों के प्रकार: एनपीएस के तहत दो प्रकार के खाते खुलवा सकते हैं- टियर 1 और टियर 2. इसके विपरीत एपीवाई के तहत सिर्फ एक प्रकार का ही खाता खुलता है.



  • मेच्योरिटी के पहले निकासी: एनपीएस के तहत मेच्योरिटी से पहले सिर्फ टियर-2 खाते से निकासी कर सकते हैं. इसके विपरीत एपीवाई के तहत सिर्फ निवेशक की असमय मृत्यु या निवेशक के मेडिकल कंडीशन के आधार पर ही मेच्योरिटी से पहले निकासी की मंजूरी मिलती है.
  • निवेश विकल्प: एनपीएस के तहत निवेशक को अपने पैसे निवेश करने के लिए विकल्प चुनने का मौका मिलता है जबकि एपीवाई के तहत ऐसा कोई विकल्प नहीं मिलता है.
  • सरकार का योगदान: एनपीएस के तहत सरकार कोई योगदान नहीं करती है और पूरा योगदान सिर्फ निवेशक का होता है. इसके विपरीत एपीवाई में जितना निवेशक कांट्रिब्यूट करता है, उतनी ही राशि का योगदान सरकार भी करती है.

हाइलाइट्स

  • सरकारी कर्मचारियों के लिए 2004 में नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) शुरू किया गया था
  • NPS में दो तरह के खाते होते हैं, जिसे टियर 1 और टियर 2 के नाम से जाना जाता है
  • APY में हर माह 1000 रुपये से 5000 रुपये तक पेंशन का प्रावधान है
National Pension Scheme Benefit: देश में इस समय नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी 2 लोकप्रिय पेंशन प्‍लान मौजूद है, जो लोगों की मदद कर रहे हैं। दोनों बेस्‍ट पेंशन प्‍लान हैं, हालांकि दोनों में काफी अंतर है। आज हम आपको बताएंगे कि दोंनों में अंतर क्या है और पात्रता व फायदे क्‍या हैं। अगर हम अंतर की बात करें तो एनपीएस(NPS) कंट्रीब्यूशन पेंशन प्लान है जबकि एपीवाई(APY) बेनिफिट पेंशन प्लान्स हैं। इन पेंशन प्लान में सबसे बड़ा अंतर यह है कि एपीवाई में फिक्स्ड पेंशन का प्रावधान है जबकि एनपीएस मार्केट लिंक्ड पेंशन प्लान और पेंशन की राशि सेविंग पर निर्भर करती है।

NPS खातों के प्रकार (Types of NPS Accounts)
NPS में दो तरह के खाते होते हैं, जिसे टियर 1 और टियर 2 के नाम से जाना जाता है। टियर 1 में 60 साल की उम्र तक फंड विद्ड्रॉल नहीं किया जा सकता है। वहीं टियर 2 में ग्राहक एक बचत खाते की तरह जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकता है।
NPS में फायदा (Benefit in NPS)
  1. NPS से अंतिम निकासी पर भुगतान की छूट की सीमा 60 फीसदी है।
  2. NPS ट्रस्ट को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) से अलग रखा गया है।
  3. सरकारी कर्मचारियों के खातों में सरकार की तरफ से 14 फीसदी योगदान दिया जाता है।
  4. NPS ग्राहक रुपये की कुल सीमा में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD (1) के तहत ग्रॉस इनकम का 10 फीसदी तक टैक्स में डिडक्शन क्लेम कर सकता है।
  5. एन्युटी की खरीद में निवेश की गई राशि भी पूरी तरह कर मुक्त होती है।
  6. 5000 रुपये अधिकतम पेंशन
    APY में हर माह 1000 रुपये से 5000 रुपये तक पेंशन का प्रावधान है। इसमें अलग अलग उम्र के लोगों के लिए योजना में अंशदान भी अलग अलग है। जैसे- अगर आप 18 साल के हैं तो 5000 रुपये पेंशन के लिए मंथली 210 रुपये योगदान देना होगा, वहीं अगर आप 30 साल के हैं तो 577 रुपये मंथली अंशदान करना होगा। इस योजना का लाभ वे लोग ही उठा सकते हैं, जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर हैं।

    APY के फायदे भी जानें (Advantages of APY)
    अगर आप असंगठित क्षेत्र से हैं तो APY में निवेश से आप 60 साल बाद हर माह पेंशन पाने के हकदार हो जाते हैं। APY योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आपकी असामयिक मृत्यु हो जाती है तो आपके परिवार को फायदा जारी रखने का प्रावधान है। अटल पेंशन योजना (APY) में निवेश करने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी और पत्नी की भी मृत्यु होने की स्थिति में बच्चों को पेंशन मिलने का प्रावधान है।


शुक्रवार, 3 नवंबर 2023

Ayushman bharat hospital List 2023

हेलो दोस्तों इस लिंक को चेक करे हॉस्पिटल में एडमिट होने से पहले नही तो प्राइवेट हॉस्पिटल अपने जिंदगी भर की कमाई को लूट लेंगे 


अगर आपको जिंदगी भर की कमाई डॉक्टर को नहीं देना है तो इस लिंक को ओपन करें 



आयुष्मान हॉस्पिटल लिंक

https://hospitals.pmjay.gov.in/Search/empnlWorkFlow.htm?actionFlag=ViewRegisteredHosptlsNew


और अगर आपका आयुष्मान कार्ड की लिमिट कार्ड ख़तम हो गयी है या आप पेसे देने में सक्षम है तो हेल्थ पालिसी लेने के लिए मुझसे सम्पर्क करें 






पोस्ट अच्छी लगी होतो मुझे कमेन्ट बॉक्स में बताये में जरुर पोस्ट करूंगा और लाइक एंड शेयर करे

How Check Morpho Device Serial Number

 दोस्तो एक बार फिर से आप सबका स्वागत है हमारे इस How to Find Morpho Device Serial Number पोस्ट पर, इस पोस्ट में हम आपको जानकारी देंगे कि अगर आपकी कोई Finger Print Device  जिसका Serial number मिट गया है या दिखाई नहीं दे रहा है!


तो आप उसको किस प्रकार से निकालेंगे और किस प्रकार से आप अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस का सीरियल नंबर प्राप्त करेंगे वह भी निशुल्क और खुद से!

जैसा कि आप सब जानते हैं कि हमारी हर फिंगर प्रिंट डिवाइस को RD Service के अंतर्गत रजिस्टर्ड करना पड़ता है और उसके लिए हमको अपनी Finger print device serial Number चाहिए होता है जब हम अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस के लिए RD SERVICE Buy करने के लिए जाते हैं!

तो वहां पर हमसे हमारा फिंगरप्रिंट डिवाइस का सीरियल नंबर पूछा जाता है और यदि वह आपके पास फिंगर प्रिंट डिवाइस/ Morpho USB Device का सीरियल नंबर नहीं है तो आप अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस के लिए RD Service Buy नहीं कर सकते हैं

तो वहां पर हमसे हमारा फिंगरप्रिंट डिवाइस का सीरियल नंबर पूछा जाता है और यदि वह आपके पास फिंगर प्रिंट डिवाइस/ Morpho USB Device का सीरियल नंबर नहीं है तो आप अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस के लिए RD Service Buy नहीं कर सकते हैं

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