बुधवार, 3 सितंबर 2025

राज्य सूचना का जुर्माना राशी आवेदक को मिलता हैं के शाशन को

 सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जन सूचना अधिकारी पर लगाया गया जुर्माना आवेदक को नहीं मिलता है, बल्कि यह राशि सरकारी खजाने में जमा होती है. सूचना न देने पर यह जुर्माना सूचना आयोग द्वारा जन सूचना अधिकारी पर लगाया जाता है, जिसका उद्देश्य जन सूचना अधिकारी को उनकी ज़िम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाना होता है, न कि आवेदक को वित्तीय लाभ पहुँचाना. 

जुर्माने की प्रक्रिया
  • जुर्माना लगाने का अधिकार:
    राज्य सूचना आयोग किसी जन सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगा सकता है यदि वह समय पर सूचना प्रदान करने में विफल रहता है या जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक जानकारी देता है. 
  • जुर्माने की राशि:
    सूचना आयोग प्रति दिन ₹250 की दर से जुर्माना लगा सकता है, लेकिन यह राशि ₹25,000 से अधिक नहीं हो सकती है. 
  • जमा कहाँ होता है:
    जुर्माने की राशि सीधे सरकारी खजाने में जमा होती है. 
    उद्देश्य 
    • जवाबदेही:
      यह जुर्माना जन सूचना अधिकारियों की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगाया जाता है.
    • अधिकार का उपयोग:
      यह आवेदक को किसी भी तरह का लाभ पहुंचाने के लिए नहीं है, बल्कि लोक सेवकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने का एक तरीका है.

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