मंगलवार, 6 जुलाई 2021

Fasal बीमा करने का प्रोसेस

 ⏰⏰ *Fasal बीमा करने का प्रोसेस*: ⏰⏰


स्टेप 1: डिजिटल सेवा पोर्टल लॉगिन करे।


स्टेप 2: सर्च में जाकर *fasal* सर्च करना, निचे Pradhan Mantri Fasal bima yojna

क्लिक करें


स्टेप 3: CSC Connect में क्लिक करे।


स्टेप 4: States में जाकर छत्तीसगढ़ सेलेक्ट करे और

नीचे *1st में kharif प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना*


में क्लिक करे।


स्टेप 5:  *Application टैब* में जाये,  Application Form में क्लिक करके फॉर्म फील करे।



नोट : (डॉक्यूमेंट अपलोड करना है)

1) फसल बुआई प्रमाण पत्र(Showing certificate)

2) ऋण पुस्तिका

3) बैंक पासबुक


Thanks & Regards

CSC Durg Team 📞

एक महिला को जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था, और वकील ने अपने कक्ष में शादी की रस्में निभवायी थी।

 बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने शिकायत के बाद एक वकील का लाइसेंस निलंबित कर दिया है, जिसपे आरोप लगाया गया है कि एक महिला को जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था, और वकील ने अपने कक्ष में शादी की रस्में निभवायी थी।


 

वकील (इकबाल मलिक) पर सोहन सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी को जबरन मुस्लिम धर्म में परिवर्तित किया गया और उसकी शादी वकील के कड़कड़डूमा जिला अदालत कक्ष करा दी गयी।


बीसीडी सचिव पीयूष गुप्ता ने इकबाल को नोटिस जारी कर कहा है कि काउंसिल ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है. जिनसे तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने की उम्मीद की गयी है।अंतरिम उपाय के रूप में, बार काउंसिल ने समिति की रिपोर्ट देने तक इकबाल के लाइसेंस को निलंबित करने का निर्णय लिया है। इकबाल को सात दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देना है।


बीसीडी के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं है और ये किसी वकील की पेशेवर गतिविधियों का हिस्सा नहीं हैं। यह आरोप कि उन्होंने निकाह किया और धर्म परिवर्तन का प्रमाण पत्र जारी किया, कानूनी पेशे की गरिमा को नकारता है।


यह आरोप लगाया जाता है कि इकबाल अपने कक्ष से धर्मांतरण ट्रस्ट चलाता है और कथित पीड़िता को जारी किए गए विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार, वकीलों के कक्ष को निकाह की जगह के रूप में उल्लेख करता है।


तोमर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि इकबाल के कक्ष को मस्जिद के रूप में दिखाया गया है।


नोटिस के अनुसार, अदालत में एक वकील के चैंबर के परिसर में निकाह और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती है ।


बार काउंसिल के अध्यक्ष श्री रमेश गुप्ता ने दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल और डीसीपी से मामले की जानकारी काउंसिल को उपलब्ध कराने और उनका सहयोग करने का अनुरोध किया है।


 

एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक को दिए अपने बयान में, इकबाल ने कहा कि उन्हें नोटिस की एक प्रति नहीं मिली है और उनके खिलाफ आरोप झूठे हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिला ने सुरक्षा के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

कमाल है! कभी थी पत्नी…. अब बन गई सौतेली मां…. पिता ने बेटे की पत्नी से रचाई शादी…. जानिए कैसे खुली मामले की पोल….

 उत्तर प्रदेश 5 जुलाई 2021। यूपी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे। दरअसल एक ससुर ने अपने ही बेटे की तलाकशुदा पत्नी के साथ शादी रचा ली। यह मामला बदायूं का है जो इस समय खूब चर्चा बटोर रहा है।

ससुर से की शादी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि लड़के की शादी साल 2016 में हुई थी उस समय लड़का और लड़की दोनों ही नाबालिग थे, लेकिन शादी के बाद कुछ विवाद की वजह से दोनों करीब 5-6 महीने बाद अलग रहने लगे, बताते हैं कि लड़के ने समझौते की तमाम कोशिशें की लेकिन लड़की तलाक पर अड़ी रही और तलाक हो गया। मामले में नया मोड़ अब जाकर सामने आया जब युवक से तलाक लेने के बाद उसकी पत्‍नी को अपने ससुर से प्रेम हो गया और वह जैसे ही बालिग हुई, उसने ससुर से कानूनी तौर पर शादी रचा ली और साथ रहने लगी।

RTI से खुली पोल

बाद में युवक का पिता जो सफाई कर्मी है वो युवक का साथ छोड़कर संभल में रहने लगा तो लड़के ने जनहित याचिका (RTI) दायर की तो उसमें जो जानकारी सामने आई उसने उसके होश उड़ा दिए। पता चला कि उसकी पत्‍नी ने उसे तलाक देकर युवक के पिता से ही शादी कर ली यही नहीं अब इन दोनों के 2 साल का एक बच्‍चा भी है। पुलिस ने यह भी बताया कि युवक शराब पीने का आदी है जैसे ही उसे पता चला कि उसके पिता ने उसकी पत्‍नी से ही शादी की है तो उसने बिसौली पुलिस स्‍टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

घर में घुस आएं सांप तो मारें नहीं, करें ये उपाय

 रायपुर। देश के कई हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। बारिश शुरू होने के साथ ही घरों में सांप-बिच्छू जैसे जीवों के घुस आने की समस्या बढ़ जाती है। सांप से बचने के लिए उसे भगाने की बजाए लोग अक्सर उसे मार देते हैं। जबकि थोड़ी सी समझदारी से हम सांप को मारे बिना उससे बच सकते हैं। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रही नोवा नेचर सोसाइटी के सेक्रेटरी मोइज अहमद कहते हैं कि सांप एक जहरीला जीव है, उससे डरना लाजिमी है लेकिन उसे मारना सही नहीं है।

क्यों जरूरी है सांपों का संरक्षण
मोइज अहमद ने बताया कि भारत में पाए जाने वाले सांपों में 20 प्रतिशत ही जहरीले होते हैं, बाकी 80 प्रतिशत जहरीले नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि सांपों को बचाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ये प्रकृति के भोजन चक्र का सबसे अहम हिस्सा हैं, पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत कृषि प्रधान देश है, यहां पाए जाने वाले चूहे फसल का पांचवां हिस्सा चट कर देते हैं। हमारे खेतों में पाए जाने वाले नाग और धामन सांप इन चूहों का शिकार करते हैं जिससे हमारे फसल सुरक्षित रहते हैं। इसलिए सांपों का संरक्षण जरूरी है।
घर में सांप घुस आए तो क्या करें
>यदि घर में सांप घुस आए तो सभी तरफ मिट्टी तेल या फिनाइल छिड़क दें, उसकी स्मेल सूंघकर सांप खुद-ब-खुद बाहर निकल जाएगा।
>एक लंबा डंडा लेकर सांप के सामने रखें, सांप उसमें चढ़ जाएगा इसके बाद उसे उठाकर बाहर निकालें और घर से दूर ले जाकर छोड़ दें।
>सांप एक ऐसा जीव है जो दीवार/बाउंड्री के किनारे रेंगता है, जिस जगह पर सांप हो उससे थोड़ी दूर पर पाइप से बोरा बांधकर रख दें, सांप जब बोरे में घुस जाए तो बोरा बांधकर दूर जंगल में ले जाकर छोड़ दें।
छत्तीसगढ़ में दिखे सांप तो करें फोन
नोवा नेचर सोसाइटी छत्तीसगढ़ में 2005 से काम कर रही है, सोसाइटी ने अब तक प्रदेश के विभिन्न शहरों से 15 प्रजाति के 3000 से ज्यादा सांप रेस्क्यू किए हैं। नोवा नेचर छत्तीसगढ़ की एकमात्र संस्था है जिसे सांप पकड़ने की अनुमति मिली है, बिना अनुमति सांप पकड़ना गैर कानूनी है। संस्था के लोग एक कॉल पर सांप पकड़ने पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ में सांप दिखे तो इन नंबरों पर फोन किया जा सकता है: रायपुर- 9303345640, 9329100065, 9300525486, नया रायपुर-9826117561, दुर्ग-भिलाई- 999 3454757, जशपुर- 9300851869.
सांप काटें तो क्या करें
>छत्तीसगढ़ में संजीवनी 108 की लगभग सभी वाहनों में एंटी वेनम उपलब्ध हैं, सांप काटने पर सबसे पहले 108 को कॉल करें।
>सांप के काटने पर पीड़ित को शांत रहना चाहिए, पैनिक करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है जिससे जहर तेजी से शरीर में फैलता है। इसलिए मेडिकल मदद के पहुंचते तक पीड़ित को शांत रहना चाहिए।
>शरीर के जिस हिस्से पर सांप ने काटा हो उसे स्थिर रखें।
>सांप काटने के बाद घाव को धोने, घरेलू इलाज करने में समय नष्ट करने की बजाए उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं।
>काट कर चूसने जैसे उपाय न करें, न ही दबाव डालने वाली पट्टी बांधें। ये दोनों बिलकुल भी कारगर नहीं हैं। ज्यादातर मामलों में हमें लगता है कि ये उपयोगी हैं क्योंकि हमारे आसपास पाए जाने वाले ज्यादातर सांप कम जहरीले होते हैं। इन विधियों के अपनाने से कई बार पीड़ित को ज्यादा ब्लीडिंग हो जाती है जिससे उसकी मौत हो सकती है, साथ ही इससे इंफेक्शन का खतरा भी बना रहता है।

शुक्रवार, 11 जून 2021

Urgent Job Notification

 कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस का वर्क के लिए पाटन ब्लॉक के लिए वैकेंसी


कार्य - लाइफ इंश्योरेंस करना

पद 

1. ब्लॉक कोआर्डिनेटर 

कुल पदों की संख्या - 05

पेमेंट - 31000 रुपए प्रतिमाह साथ में पीएफ

2. पंचायत कोआर्डिनेटर 

कुल पदों की संख्या - 60

पेमेंट - 21000 रुपए प्रतिमाह साथ में पीएफ


अधिक जानकारी हेतु संपर्क

7974282180


नोट - सिर्फ पाटन ब्लॉक वाले ही संपर्क करें




रविवार, 6 जून 2021

Kidney Stone: पथरी होने पर भूलकर भी न करें इन सब्जियों का सेवन, पहुंच सकता है नुकसान

 

खाने की बीमारी के गलत खान-पान के कारण गलत होते हैं। पसंद करने वाले भोजन पसंद करते हैं। इस तरह की स्थिति में जानकारी होना चाहिए, इस बात की जानकारी अच्छी तरह से।


 बहुत से लोग पीड़ित हैं। किडनी स्टोन आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। कभी कभी इसका दर्द असहनीय हो जाता है। यह बीमारी अधिकतर खान-पान की समस्या के चलते ही लोगों को होती है। नमक और शरीर के दूसरे खनिज जब एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं तो स्टोन बनने लगता है। इस बीमारी को घरेलू उपायों और खान-पान के नियमों का पालन कर कंट्रोल किया जा सकता है। इस बीमारी में बहुत सी खाने की चीजों का परहेज करना होता है। कई ऐसी सब्जियां हैं जिन्हें स्टोन होने पर भूलकर भी नहीं खाना चाहिए। आज हम आपको ऐसी चीजों के बारे में बताते हैं जिन्हें किडनी स्टोन होने पर नहीं खाना चाहिए। 

सब्जियां
सब्जियां 
  
Image Source : freepik.com
सब्जियां 

स्टोन से पीड़ित लोगो को कुछ सब्जियो को खाने से परहेज करना चाहिए। किडनी स्टोन के मरीजों को बीज वाली सब्जियों नहीं खानी चाहिए। टमाटर, पालक बैंगन आदि का अधिक सेवन करने से स्टोन की समस्या बढ़ सकती है। 

एंट्रेंस की तुलना करने के लिए संतुलित तरीके से तैयार किए जाने वाले मौसम के अनुसार संतुलित होते हैं, जो टेस्ट से बनाते हैं और ये भी बनाते हैं और लंबाई में भी बनाते हैं।. . . . . . . . . . . से लें तो स्वस्थ होते हैं । 
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उच्च गति के आंकड़े के हिसाब से यह खतरनाक स्थिति हो सकती है। स्टैट, डिब्बी खाना और अधिक जानकारी के लिए रजिस्टर करें। प्रोटीन
संचार के वातावरण को ठीक किया जा सकता है। 
 ये் ये் ये் ये் ये். 


टेस्ट के बाद में इन्होनें ना ब्लो आम, हो सकता है कि फ़ायदा प्रभावी विटामिन सी . हो सकता है 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
अगर आप खराब होते हैं तो खराब होने की स्थिति में आप विटामिन के अधिक पढ़ सकते हैं। बढ़े हुए जोखिम से यह बहुत अधिक बढ़ जाता है। 

कोल्ड- क्रमांक्स
जिन किडनी संभावित रूप से संभावित संभावित परिणाम संभावित रूप से संभावित हैं। 

अपलोड करना: 1565332 बाइट्स में से 371712 अपलोड किया गया।


सोमवार, 31 मई 2021

Job notification

 

Hi All, Hiring for Navision/ Business central analyst. Job Location: Bangalore Years of experience- 1-3 only Required skills and experience: Microsoft Dynamics experience/exposure Experienced with Debugging, Performance , Data purging, security and interfaces Responsibilities: Provides application support, technology consultation, and operational support Advocates for users’ needs and coordinates support requests Provides expert knowledge in applications and customer support, assisting team members in their efforts to provide application support. Ready to handle Customer Support task Flexible to 24X7 Shift environment ( 5 days working , 9 hour shift) This role will be mix of implementation and support. If interested please share your resumes to revati.peruri@aptean.com


मंगलवार, 25 मई 2021

जिला दुर्ग, अनलॉक कल से प्रायः सभी दुकाने खुलेंगे, गुपचुप, चाट के ठेलो में जा कर ज़ायका भी लिया

 



️ प्रशासन️️ ️दुर्ग



















सावधान! LIC में डूब सकता है आपका पैसा, बचना है तो देख लीजिए एलआईसी का ये अलर्ट

 

फोन कॉल के दौरान वो खुद को एलआईसी का कर्मचारी या सरकारी विभाग इंश्योरेंस रेगुलेटर का अधिकारी बताते हैं. फिर ये इस तरह से ग्राहकों का भरोसा जीतने में कामयाब हो जाते हैं.



देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी LIC के पॉलिसी धारकों के लिए बड़ी खबर है. दरअसल एलआईसी ने अलर्ट जारी कर अपने ग्राहकों को आगाह किया है कि कैसे कुछ लोग पॉलिसी के नाम पर लोगों के साथ ठगी कर हैं. एलआईसी ने अपने ग्राहकों को इस तरह के हो रहे फ्रॉड के बारे में बताया है कि कुछ लोग एलआईसी के कर्मचारी बनकर ये गोरखधंधा कर रहे हैं. इस तरह की ठगी का शिकार कई लोग हो चुके है.

अगर आपके पास भी LIC की पॉलिसी है तो आप इस अलर्ट को ध्यान से पढ़ें.
दरअसल ये जालसाज पहले अपने आपको एलआईसी का कर्मचारी बनकर लोगों का भरोसा जीतते हैं. फिर उनसे उनकी पर्सनल जानकारी हासिल कर उनके खाते से पैसा निकाल लेते हैं. इसके लिए बकायदा उनकी पूरी प्लानिंग काम करती है.

फोन कर ले रहे जानकारी

इस तरह के जालसाज पहले LIC पॉलिसीधारकों का डेटा इक्कठा कर उन्हें फोन करते है. फोन कॉल के दौरान वो खुद को एलआईसी का कर्मचारी या सरकारी विभाग इंश्योरेंस रेगुलेटर का अधिकारी बताते हैं. फिर ये इस तरह से ग्राहकों का भरोसा जीतने में कामयाब हो जाते हैं. जब ग्राहक को भरोसा हो जाता है तो वो इनलोगों से उनके बैंक डिटेल्स मांगते हैं. जिसने भी पर्सनल जानकारी साझा की समझों उसका पैसा गया. इसलिए आपके पास भी कोई ऐसा कॉल आए तो सावधान हो जाइए. इस तरह के फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसलिए इसे रोकने के लिए LIC ने अलर्ट जारी किया है.
ऐसे करें शिकायत

अगर आपके पास भी कोई इस तरह की कॉल आती है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं. अगर आपकी पॉलिसी की कोई पर्सनल जानकारी या बैंक डिटेल्स जानना चाहे तो आप एलआईसी की वेबसाइट पर जाकर शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए आप इस लिंक spuriouscalls@licindia.com पर भेजकर रिपोर्ट कर सकते हैं. इसके अलावा आप co_crm_fb@licindia पर ईमेल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं. वहीं LIC की वेबसाइट पर जाकर ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर की जानकारी निकालकर वहां भी अपनी कंप्लेन डाल सकते हैं.


क्या अब बंद हो जाएगा आपका Twitter, Facebook, आज खत्म हो रही है सरकार की डेडलाइन…

 भारत में काम कर रही प्रमुख सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम की मुसीबत बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. ऐसा माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में इन ऐप्स पर बैन भी लग सकता है. दरअसल केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को फरवरी में कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया था. इसके लिए इन कंपनियों को सरकार की ओर से तीन महीने का समय दिया गया था जिसकी अवधि 26 मई को पूरी होने वाली है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक इंन सोशल मीडिया कंपनियों ने सरकार के नियमों का पालन नहीं किया है जिसके कारण ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले दो दिनों में इनकी सेवाओं को बंद भी किया जा सकता है.

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केंद्र सरकार ने 25 फरवरी 2021 को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की तरफ से डिजिटल कंटेंट को रेग्यूलेट करने के लिए 3 महीने के भीतर कंप्लायंस अधिकारी, नोडल अधिकारी आदि को नियुक्त करने के लिए कहा गया था और इन सभी का कार्यक्षेत्र भारत में होना चाहिए था. लेकिन सूत्रों की मानें तो इन सोशल मीडिया जायंट्स ने अब तक इन नियमों को लागू नहीं किया है. सूत्रों का कहना है कि जो भी कंपनी इन नियमों का पालन करने में फेल होती है उनके इंटरमीडियरी स्टेटस को खत्म किया जा सकता है और उन पर आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है.


सूत्रों ने यह भी कहा कि, “हालांकि वे एक इंटरमीडियरी होने के संरक्षण का दावा करते हैं, लेकिन वे भारतीय संविधान और कानूनों के संदर्भ के बिना अपने स्वयं के मानदंडों के माध्यम से कंटेंट को मॉडिफाई करने और निर्णय लेने के लिए अपने नियमों का पालन करते हैं.


कंपनियों को मानना होगा ये नियम

कार्यालय के आदेश के अनुसार, रचना के लिए उपयुक्त वातावरण और संरचना के प्रकार के अनुसार भारत का स्थान होगा, स्थिति, स्थिति, स्थिति, स्थिति, स्थिति परिवर्तन, कंप्लायंस संरचना और फ़ॉर्मैटर मैटेरियल को फ़ॉर्मेट में बदलने के लिए उपयुक्त स्थान पर लागू होता है।. . . . . . . . . . . . तो .. . . . . . . तब बल्कि किसी भी प्रकार के वातावरण में परिवर्तित होने के लिए उपयुक्त वातावरण का निर्माण होगा। ) । इस समय के लागू होने के समय, टाइम्स ऑफ इंडिया के क्षेत्र में दांव लगाने वाले, एक्सटर्नल अफेयर्स, होम टैग्स, लाईट, वाइट, और वूमेन और वूमेन वाइट विंग के विंग के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। डब्लू डब्लू डब्लू डब्लू डब्लू डब्लू डब्लू डब्लू पास


लागू होने पर कोई भी काम करता है, तो उसे लागू होने वाले बॉक्सिंग ब्लॉक्स के लिए सामग्री को सरकारी अधिकारी द्वारा प्रकाशित किया जाता है।


कहती️ कहती️ कहती️️️️️

25 फरवरी 2021 को भारत सरकार के एमईआईटीवाई ने सभी सामाजिक समय को इन कीटाणुओं को खत्म करने के लिए कहा। जब भी ऐसा किया जाता है तो वे ऐसा करते हैं। वैट ने कहा कि भारत में ये समान हैं। कहती️️️️️️️️️️️️️️️️ है है है कि खुद की जांच करने वाले की जांच की है। ट्विट सोशल मिडिया पर चलने वाला व्यक्ति इस बात की जानकारी नहीं है।



सोमवार, 24 मई 2021

लक्खण मृग की कथा

 हजारों साल पहले मगध जनपद के एक निकटवर्ती वन में हजार हिरणों का एक समूह रहता था जिसके राजा के दो पुत्र थे- लक्खण और काल। जब मृगराज वृद्ध होने लगा तो उसने अपने दोनों पुत्रों को उत्तराधिकारी घोषित किया और प्रत्येक के संरक्षण में पाँच-पाँच सौ मृग प्रदान किए ताकि वे सुरक्षित आहार-विहार का आनंद प्राप्त कर सकें।

उन्हीं दिनों फसल काटने का समय भी निकट था तथा मगधवासी अपने लहलहाते खेतों को आवारा पशुओं से सुरक्षित रखने के लिए अनेक प्रकार के उपक्रम और खाइयों का निर्माण कर रहे थे। मृगों की सुरक्षा के लिए वृद्ध पिता ने अपने दोनों पुत्रों को अपने मृग-समूहों को लेकर किसी सुदूर और सुरक्षित पहाड़ी पर जाने का निर्देश दिया।

काला एक स्वेच्छाचारी मृग था। वह तत्काल अपने मृगों को लेकर पहाड़ी की ओर प्रस्थान कर गया। उसने इस बात की तनिक भी परवाह नहीं की कि लोग सूरज की रोशनी में उनका शिकार भी कर सकते थे। फलत: रास्ते में ही उसके कई साथी मारे गये।

लक्खण एक बुद्धिमान और प्रबुद्ध मृग था। उसे यह ज्ञान था कि मगधवासी दिन के उजाले में उनका शिकार भी कर सकते थे। अत: उसने पिता द्वारा निर्दिष्ट पहाड़ी के लिए रात के अंधेरे में प्रस्थान किया। उसकी इस बुद्धिमानी से उसके सभी साथी सुरक्षित पहाड़ी पर पहुँच गए।

चार महीनों के बाद जब लोगों ने फसल काट ली तो दोनों ही मृग-बन्धु अपने-अपने अनुचरों के साथ अपने निवास-स्थान को लौट आये। जब वृद्ध पिता ने लक्खण के सारे साथियों को जीवित और काला के अनेक साथियों के मारे जाने का कारण जाना तो उसने खुले दिल से लक्खण की बुद्धिमत्ता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

रविवार, 23 मई 2021

Insurance क्यों लेनी चाहिये,

 Insurance क्यों लेनी चाहिये,

एक बार जरूर पढ़े...


आप कहते है। मुझे बीमे की जरुरत नहीं 


🌷1. बीमे की जरुरत आपको नहीं आपके परिवार को है।

  

🌷2. बीमा तभी लिया जाता है, जब उसकी जरुरत नहीं हो, जरुरत होने पर बीमा नहीं मिलता, इसके लिए स्वास्थ्य होना जरुरी है।


🌷3. यदि आपके पास सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी हो तो आप किसका बीमा करवायेंगे। मुर्गी का या अंडे का.. आप अपनी कार का बीमा करवाते है क्या इससे आपका परिवार सुरक्षित  रहता है?


🌷4. कार में चार पहिये होते है फिर भी पांचवा रखना जरुरी क्यों है रास्ते में सुरक्षा के लिये या फालतू खर्च?


🌷5. बच्चा असफल हो जाये तो दुबारा मौका मिल सकता है, पर पिताजी असफल हो जाये तो बच्चों का भविष्य ख़राब हो सकता है।


🌷6.  बीमे की प्रिमियम देखने से ज्यादा जरुरी आपात स्थिति में मिलने वाली राशि को देखना चाहिये।


🌷7.  क्या आपको मालुम है कि आपका जीवन आपके परिवार के लिये कितना अमूल्य व आवश्यक है आप ही बच्चों की शिक्षा तथा विवाह का प्रबंध करेंगे।


🌷8. क्या आपने अपनी सभी पॉलिसियों में नामांकन करवा रखा है?


🌷9. जब आप एक महीने के लिए घर से बाहर जाते है तो क्या क्या व्यवस्था करके जाते है?


🌷10. जब भीड़ में आपका बच्चा आपसे बिछड़ जाता है तो उसे कितनी परेशानी तथा दर्द होता है ?


🌷11. आपके बाहर जाने पर कितने दिनों तक रिश्तेदार आपके परिवार की मदद कर सकते है?


🌷12. यदि आप अपने शौक या विलासिता पर खर्च करते है बदले में कुछ नहीं मिलता परंतु यहाँ आपके परिवार की सुरक्षा की जाती है फिर भी आप कह रहे है आपको बीमे की आवश्यकता नहीं।


🌷13. एकबार अपना बेटा या बीबी बनकर विचार कीजिये।


🌷14. बीमा अपने फायदे के लिए नहीं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ख़रीदा जाता है जिस प्रकार छाता बारिश रोकने के लिए नहीं। छाता तो बारिश में भीगने से बचने के लिए ख़रीदा जाता है।


🌷15. प्रायः लोगो के पास उनकी सालाना आय के 10 गुना से कम Insurance होती है, क्या आप ऐसे लोगो मे शामिल तो नहीं ??


निर्णय आपका है..

क्योंकि परिवार भी आपका है, मेरा काम आपको बीमे के बारे में बताना है करवाना या ना करवाना आपकी अपनी सोच है!!

अब किसानों के संगठन को मोदी सरकार देगी 15 लाख रुपए, जानिए FPO के बारे में सबकुछ...


अब तक के मीडिया संस्थान 15 अरब, एफपीओ के बारे में अरब...


आमदनी बढ़ाने के लिए मोदी सरकार इस तरह से शुरू करें। बजट में कृषि और कृषि (भारतीय किसान) को आगे बढ़ाने के लिए समूह को 15-15 लाख अरब अरब डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान करें


नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Government of India) अब किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू करने जा रही है. बजट में की गई घोषणा के तहत किसान और कृषि (Indian Farmers) को आगे बढ़ाने के लिए उनके ग्रुप को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. इसके लिए उन्हें एक कंपनी बनानी यानी किसान उत्‍पादक संगठन (FPO-Farmer Producer Organisation) बनाना होगा. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) आज PM-किसान (PM-Kisan) योजना के एक साल पूरे होने के अवसर पर चित्रकूट से देशभर में 10 हजार किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की शुरुआत करेंगे. इस बारे में PM मोदी ने ट्वीट किया है और केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी इस बारे में जानकारी दी थी. PM मोदी ने कहा कि एफपीओ से किसानों को तकनीकी, वित्तीय सहयोग एवं बाजार पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.


सरकार ने 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाने की मंजूरी दे दी है. अगले 5 साल में इस पर 4,496 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसका रजिस्ट्रेशन कंपनी एक्ट में ही होगा, इसलिए इसमें वही सारे फायदे मिलेंगे जो एक कंपनी को मिलते हैं. यह संगठन कॉपरेटिव पॉलिटिक्स से बिल्कुल अलग होंगे यानी इन कंपनियों पर कॉपरेटिव एक्ट नहीं लागू होगा.


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पीएम ने किसानोंं को दी सौगात



सवाल- क्या होता है किसान उत्‍पादक संगठन (FPO-Farmer Producer Organisation)


जवाब- एफपीओ एक किसानों का संगठन होता है. इसमें खेती करने वाले सभी किसान शामिल होते है. उदाहरण तौर पर समझें तो एएपीओ को एक कंपनी माना जाता है. ये जितनी कमाई करती है उसे सभी किसानों में बराबर बांट दिया जाता है. ये संगठन किसानों को सस्ता कर्ज, बेहतर उपकरण और कई अन्य सॉर्स के जरिए आय बढ़ाने में मदद करते है.




एफपीओ लघु और सीमांत किसानों का एक समूह होगा, जिससे उससे जुड़े किसानों को न सिर्फ अपनी उपज का बाजार मिलेगा बल्कि खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होगा. सेवाएं सस्ती मिलेंगी और बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी.


अगर अकेला किसान अपनी पैदावार बेचने जाता है, तो उसका मुनाफा बिचौलियों को मिलता है. एफपीओ सिस्टम में किसान को उसके उत्पाद के भाव अच्छे मिलते हैं, क्योंकि बारगेनिंग कलेक्टिव होगी.



केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक ये 10,000 नए एफपीओ 2019-20 से लेकर 2023-24 तक बनाए जाएंगे. इससे किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ेगी.


सवाल- FPO के क्या फायदे होते है?

जवाब- छोटे और सीमांत किसानों की संख्या लगभग 86 फीसदी है, जिनके पास देश में 1.1 हेक्टेयर से कम औसत खेती है. इन छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों को कृषि उत्पादन के दौरान भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इन किसानों को अपनी आर्थिक कमजोरी के कारण अपने उत्पादों की मार्केटिंग की चुनौती का भी सामना करना पड़ता है.


बयान में कहा गया है कि FPO से छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों के सामूहीकरण में सहायता होगी ताकि इन मुद्दों से निपटने में किसानों की सामूहिक शक्ति बढ़ सकें. एफपीओ के सदस्य संगठन के तहत अपनी गतिविधियों का प्रबंधन कर सकेंगे ताकि प्रौद्योगिकी, निवेश, वित्त और बाजार तक बेहतर पहुंच हो सके और उनकी आमदनी तेजी से बढ़ सके.




सवाल- कैसे मिलेंगे 15 लाख रुपये (What are Farmer Producer Organisations)?

जवाब-राष्ट्रीय किसान महासंघ के संस्थापक सदस्य विनोद आनंद ने बताया कि सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने एफपीओ बनाने के लिए जाने माने अर्थशास्त्री डॉ वाईके अलघ के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई थी. इसके तहत कम से 11 किसान संगठित होकर अपनी एग्रीकल्चर कंपनी या संगठन बना सकते हैं. मोदी सरकार जो 15 लाख रुपये देने की बात कर रही है उसका फायदा कंपनी का काम देखकर तीन साल में दिया जाएगा.



हर उत्पादक संगठन को 15 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी



सवाल- सरकार इसे कैसे आगे बढ़ाएगी?

सरकार की ओर से साझा किए गए को साझा किया गया था। इन वाई-फाईनेटिंग जो भी खराब होगी, वह... इस तरह के किसी भी निगम के संचार को बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए। एक अधिकारी के रूप में लिखा गया है कि स्टेट वर्ड, नाबार्ड, स्‍मॉल प्‍लोर फार्मर्स कॉन्‍स्‍ट्रक्‍ट के साथ काम करता है। हं में कुल 822 को बार, स्कली ने प्र मोट मोट 2,154 एफ ने ️️️️️️️️️