शुक्रवार, 3 नवंबर 2023

How Check Morpho Device Serial Number

 दोस्तो एक बार फिर से आप सबका स्वागत है हमारे इस How to Find Morpho Device Serial Number पोस्ट पर, इस पोस्ट में हम आपको जानकारी देंगे कि अगर आपकी कोई Finger Print Device  जिसका Serial number मिट गया है या दिखाई नहीं दे रहा है!


तो आप उसको किस प्रकार से निकालेंगे और किस प्रकार से आप अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस का सीरियल नंबर प्राप्त करेंगे वह भी निशुल्क और खुद से!

जैसा कि आप सब जानते हैं कि हमारी हर फिंगर प्रिंट डिवाइस को RD Service के अंतर्गत रजिस्टर्ड करना पड़ता है और उसके लिए हमको अपनी Finger print device serial Number चाहिए होता है जब हम अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस के लिए RD SERVICE Buy करने के लिए जाते हैं!

तो वहां पर हमसे हमारा फिंगरप्रिंट डिवाइस का सीरियल नंबर पूछा जाता है और यदि वह आपके पास फिंगर प्रिंट डिवाइस/ Morpho USB Device का सीरियल नंबर नहीं है तो आप अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस के लिए RD Service Buy नहीं कर सकते हैं

तो वहां पर हमसे हमारा फिंगरप्रिंट डिवाइस का सीरियल नंबर पूछा जाता है और यदि वह आपके पास फिंगर प्रिंट डिवाइस/ Morpho USB Device का सीरियल नंबर नहीं है तो आप अपनी फिंगरप्रिंट डिवाइस के लिए RD Service Buy नहीं कर सकते हैं

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डिपॉजिट मशीन से खाते में जमा कराया पैसा, फिर भी अकाउंट रह गया खाली तो ना हो परेशान तुरंत कर लें यह काम

 

शिकायत करने के लिए आपनाएं ये तरीका

अगर आप भी इस तरह के किसी मुश्किल में पड़ जाते हैं तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुताबिक कैश डिपॉजिट मशीन से जुड़ी शिकायत के लिए ग्राहक को सबसे पहले https://crcf.sbi.co.in/ccf/ पर जाना होगा. इसके बाद  EXISTING CUSTOMER // MSME/ Agri/ Other Grievance under GENERAL BANKING/BRANCH RELATED category में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करनी होगी. यहां वह अपने साथ हुए घटना की डीटेल्स को भर इसका निवारण करने की मांग कर सकते हैं. वहीं एसबीआई हेल्पलाइन नंबर 1800 11 2211 (टोल फ्री) से भी संपर्क किया जा सकता है. 

अगर एटीएम मशीन में फंस गए हैं आपके पैसे, तो बिना घबराए करें ये काम

 अगर एटीएम से पैसे निकालते वक्त पैसा एटीएम मशीन में अटक जाए और अकाउंट से भी कट जाए, तो इस स्थिति में आपको ट्रांजैक्शन स्लिप संभालकर रखनी चाहिए। वहीं अगर एटीएम मशीन से आपको ट्रांजैक्शन स्लिप नहीं मिलती, तो आप बैंक स्टेटमेंट से भी इसको प्राप्त कर सकते हैं। 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस तरह के मामलों को देखते हुए खास गाइडलाइंस बना रखा है। इसके मुताबिक इस तरह के मामलों में बैंक को ग्राहकों के पैसों को 7 दिनों के भीतर वापिस करना होगा। अगर बैंक आपके पैसों को एक सप्ताह के भीतर वापस नहीं करता है, तो इसके लिए आप बैंकिंग लोकपाल से मिल सकते हैं।

अगर बैंक 7 दिनों के भीतर ग्राहकों के पैसे नहीं लौटा पाता, तो उसके बाद बैंक को प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपये ग्राहक को देना होगा। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए आप बैंक के ग्राहक सेवा अधिकारी से बात कर सकते हैं।

RBI का नया नियम, इस तरह से पैसों के लेनदेन के लिए देना होगा 20 अंकों का LEI नंबर, जानें क्या है ये

 क्या है LEI नंबर आरबीआई ने अपने सर्कुलर में कहा है कि भारत स्थिति कंपनियों को विदेशों से 50 करोड़ या उससे अधिक कीरकम की लेनदेन के लिए एक अक्टूबर 2022 से LEI नंबर लेना होगा। आरबीआई ने फेमा कानून 1999 के प्रावधानों के तहत ये फैसला लिया है। LEI को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। अगर एक बार LEI नंबर जारी कर दिया गया तो कंपनियां इसे अपने सभी लेनदेन में उल्लेख कर सकेगी। इस नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य होगा


सोमवार, 16 अक्टूबर 2023

NPS

 एनपीएस में क्या लाभ है?

NPS एक सरकारी निवेश की स्कीम है. पहले सरकारी फिर 2009 से यह स्कीम सभी कैटेगरी के लोगों के लिए खोल दी गई थी. खास बात यह है कि एनपीएस के तहत कर्मचारी रिटायरमेंट के समय कुल जमा राशि का 60% निकाल सकते हैं और बची हुई 40% राशि पेंशन योजना में चली जाती है. एनपीएस के फायदे: 10000 रुपये की पेंशन हर महीना

अधिक जानकारी के मुझे इन्फोम्र करे 9993232102 whatsup number

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2023

Pan Card New Update : पैन कार्ड वालो के लिए नई मुसीबत पैन कार्ड पर नया नियम हुआ लागू ।।

 October 12, 2023 by Rituraj Verma

पैन कार्ड वालों के लिए आई नई मुसीबत अगर आप सभी का भी पैन कार्ड बना हुआ है तो आप सभी के लिए एक और नई मुसीबत आ गई है जो कि आप सभी को जानना बेहद जरूरी है पैन कार्ड पर भारत सरकार के द्वारा एक बार फिर से नए नियम को लागू किया गया है जो सभी पैन कार्ड धारा को करना बेहद जरूरी है नहीं तो आप सभी का भी पैन कार्ड हो सकता है रद्द तो चलिए हम लोग जानते हैं कि भारत सरकार के द्वारा जो पैन कार्ड पर नए नियम लागू किया गया है उसके पूरी जानकारी हम लोग जानते हैं कि आखिर पैन कार्ड पर क्या-क्या नए नियम को लागू किया गया है।।

भारत सरकार के द्वारा देखा जाए तो हर रोज पैन कार्ड एवं राशन कार्ड पर नई-नई नियम को लागू किया जा रहा है जिसमें लिखा जाए तो पैन कार्ड पर कुछ न कुछ बदलाव किया जाता है उसी तरह राशन कार्ड पर देखा जाए तो हर रोज बड़े बदलाव किया जा रहा है जिससे सभी राशन कार्ड वालों को मिल रहा है देखा जाए तो कुछ महीने पहले ही पैन कार्ड पर नए नियम को लागू किया गया था जिसमें सही पैन कार्ड वालों को अपने आधार कार्ड से लिंक करवाना था जो की 30 जून तक लिंक करवाने की तिथि को दिया गया था उसके बाद पैन कार्ड लिंक बंद कर दिया गया था।।

Source :- Internet


यह पैन कार्ड और आधार कार्ड लिंकिंग की सेवा 30 जून तक फ्री में किया जा रहा था उसके बाद अगर आप सभी लोग पैन कार्ड आधार कार्ड लिंक नहीं करवाते हैं तो आप सभी को पैसे देकर अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड लिंक करवा सकते हैं क्योंकि पैन कार्ड आधार कार्ड लिंकिंग काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए थे पैन कार्ड और आधार कार्ड जो भी व्यक्ति का लिंक नहीं था वैसे व्यक्ति को खाता को बंद किया जा रहा था इस दौरान सही पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करवाना जरूरी हो गया था और इस दौरान सभी पैन कार्ड वाले अपने आधार कार्ड से लिंक करवा और जो नहीं करवाई वह पैसा देकर अपने आधार कार्ड से पैन कार्ड को लिंक करवा लें।

इस दौरान यह नए नियम को लागू किया गया है कि जितने भी व्यक्ति जिनका पैन कार्ड बना हुआ है वह सही व्यक्ति अपने पैन कार्ड को अपडेट करवा लें ताकि भारत सरकार को पता चल पाएगी आपका भी पैन कार्ड और आधार कार्ड लिंक है या नहीं इन सभी दस्तावेजों को चेक करने के लिए भारत सरकार के द्वारा यह नए नियम को लागू किया गया है जिसमें सभी पैन कार्ड वालों को अपने अपने पैन कार्ड को अपडेट करवाने के लिए कहा गया है इस पैन कार्ड को अपडेट करने के लिए आप सभी को आपने नजदीकी साइबरकैफे में जाकर अपने पैन कार्ड को अपडेट करवा सकते हैं और अगर पैन कार्ड अपडेट करवानी है।।


गुरुवार, 22 जून 2023

GST REGISTRATION NEW GUIDELINE

 

GST REGISTRATION NEW GUIDELINE

GST रजिस्ट्रेशन के लिए जान लें ये नए नियम, केंद्र ने सख्त की प्रोसेस, सावधानी नहीं बरती तो मुश्किल में पड़ सकता है आपका कारोबार

22,जून 2023,NEW DELHI. देश में बोगस फर्मों के जरिए करीब 11 हजार करोड़ रुपए की टैक्स (GST) चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाला पकड़े जाने के बाद केंद्र सरकार ने व्यावसायिक संस्थानों के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस सख्त कर दी है। इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा 14 जून को जारी की गई जीएसटी रजिस्ट्रेशन की नई गाइडलाइन के अनुसार जीएसटी नंबर के आवेदन के साथ लगाए जाने वाले दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। फर्म के वेरिफिकेशन से जुड़े किसी भी दस्तावेज के बारे में शंका होने पर उसे संबंधित विभाग के क्रॉसचेक कराया जाएगा। शंका का समाधान नहीं होने पर व्यक्तिगत स्पष्टीकरण के लिए शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा। पहले इस संबंध में आधार वेरिफिकेशन आधारित प्रोसेस होने के कारण फिजिकल वेरिफिकेशन का प्रावधान नहीं था।
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GST रजिस्ट्रेशन की नई गाइडलाइन

जीएसटी आवेदन की रिस्क रेटिंग करेगा DGARM

जीएसटी की चोरी रोकने और फर्जी बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के मामलों पर लगाम लगाने के लिए देशभर में 16 मई से शुरू किए गए दस्तावेजों की जांच के अभियान में हजारों बोगस फर्म सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल करने की प्रक्रिया को सख्त करने का फैसला किया है। फर्मों के दस्तावेजों की जांच के अभियान में सैंकड़ों ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें दूसरे व्यक्तियों के पैन कार्ड (PAN) और आधार (AADHAR) नंबर का मिसयूज करते हुए  फोटो तक बदल दी गई थी। इसमें कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कुछ पैसों या सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर उनके मोबाइल नंबर भी बदलवा दिए गए। दस्तावेजों में हेरफेर के ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की नई गाइडलाइन में यह तय किया गया है कि जीएसटी नंबर के आवेदन की प्रोसेसिंग से पहले डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ एनैलिटिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट (डीजीएआरएम) उसकी रिस्क रेटिंग करेगी। ये रेटिंग हाई, मीडियम और लो कैटेगरी के तहत की जाएगी। इसी रेटिंग के आधार पर जीएसटी आफिसर आवेदन की बारीकी से जांच करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।

दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा

जीएसटी रजिस्ट्रेशन की नई गाइडलाइन के अनुसार अब जीएसटी की वेबसाइट पर आवेदन के साथ अटैच किए जाने वाले दस्तावेजों (फर्म के पते, जमीन की रजिस्ट्री, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद,  आधार, पैन, बिजली बिल, बैंक खाते) की बेहद बारीकी से जांच की जाएगी। संबंधित सभी दस्तावेज और उन पर लिखी गई जानकारी बहुत स्पष्ट होनी चाहिए। इन दस्तावेजों का उन्हें जारी करने वाले विभाग या एजेंसी से भी वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके लिए जीएसटी आफिसर डीडीएम पोर्टल से संबंधित फर्म  की रिस्क रेटिंग रिपोर्ट डाउनलोड कर सकेगा। हाई रिस्क रेटिंग वाले आवेदन की जीएसटी ऑफिसर बेहद बारीकी से जांच करेगा।

आवेदन के PAN पर पहले जारी जीएसटी नंबर की भी छानबीन होगी

जीएसटी मामलों के जानकारों के मुताबिक जीएसटी आफिसर यही भी चेक करेगा कि आवेदनकर्ता के पैन पर पहले कोई जीएसटी नंबर अलाट हुआ है या नहीं। यदि पहले संबंधित पैन पर जीएसटी नंबर जारी हुए हैं तो उनमें से कितने कैंसिल या सस्पेंड हो चुके हैं। ये भी देखा जाएगा कि आवेदनकर्ता की पहले कोई एप्लीकेशन रिजेक्ट तो नहीं हुई। यदि हुई तो क्यों? यदि जीएसटी आफिसर को फर्म या फैक्टरी के स्थान के बारे में कोई भी शक लगता है तो वह फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्णय ले सकेगा।

वेरिफिकेशन की प्रोसेस टाइम बाउंड होगी

नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि जीएसटी के आवेदन से संबंधित दस्तावेजों का वेरिफिकेशन टाइम बाउंड प्रोसेस में होगा। यदि जीएसटी ऑफिसर किसी दस्तावेज के बारे में कोई क्लेरिफिकेशन या शोकॉज नोटिस जारी करेगा तो उसका समाधान 15 दिन में करना होगा। आवेदन पर 30 दिन के अंदर फैसला करना होगा। बता दें कि इससे पहले आधार वेरिफिकेशन होने की सूरत में फिजिकल वेरिफिकेशन का प्रावधान नहीं था।

पिछले साल 1 लाख करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी

देश में वित्त वर्ष 2022-23 में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की जीएसटी चोरी होने का अनुमान है।  इस दौरान डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (DGGI) ने 21 हजार करोड़ रुपए का टैक्स भी वसूली किया है। इसे देखते हुए सीजीएसटी और राज्यों के एसजीएसची अधिकारियों ने फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम कसने की कवायद शुरू की है। इसके लिए केंद्र एवं राज्यों के जीएसटी विभागों ने 16 मई से 15 जुलाई तक चलने वाला एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद फर्जी बिल, फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन और गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) का लाभ लेने वालों का पता लगाना है। इस दौरान संदिग्ध जीएसटी खातों की पहचान करने के साथ ही फर्जी बिलों को जीएसटी नेटवर्क से बाहर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें से फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबरों की पहचान के लिए जीएसटीएन पर व्यापक डेटा विश्लेषण और रिस्क फैक्टर का सहारा लिया जा रहा है।

अभी जीएसटी के इतने टैक्सपेयर

फर्जी रजिस्ट्रेशन की जानकारी मिलने के बाद संदिग्ध जीएसटी पहचान नंबर के वेरिफिकेशन के लिए तय अवधि में कदम उठाया जाएगा। यदि आधार बेस्ड सत्यापन प्रक्रिया के दौरान संबंधित करदाता फर्जी पाया जाता है, तो उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे। अभी देश में जीएसटी सिस्टम के तहत करीब 1.39 करोड़ टैक्सपेयर रजिस्टर हैं। देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) के तौर पर जीएसटी व्यवस्था जुलाई, 2017 में लागू की गई थी।


सोमवार, 19 जून 2023

Free 5G Phone

 कृपया ध्यान दें कि दूरसंचार कंपनियां 5G सेवाओं को सक्षम करने के लिए सिम को अपग्रेड करने के लिए ओटीपी/पिन नहीं मांगती हैं। ओटीपी/पिन/पासवर्ड जैसे व्यक्तिगत विवरण किसी के साथ साझा न करें। साथ ही 5G सेवाओं में अपग्रेड करने के नाम पर संदिग्ध लिंक के माध्यम से धोखाधड़ी वाले ऑफर्स से सावधान रहें।