शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि पेंशन कोई उपहार नहीं जिसका भुगतान मर्जी से किया जाये

पेंशन देने का मूल आधार सेवानिवृत्त कर्मचारी को वृद्धावस्था में सम्मानित जीवन जीने का साधन उपलबध कराना है : सुप्रीम कोर्ट

“इस बात को हमेशा ध्यान में रखा जाना चाहिए कि इस तरह के पेंशन देने का मूल आधार सेवानिवृत्त कर्मचारी को वृद्धावस्था में सम्मानित जिन्दगी जीने का साधन उपलबध कराना है तथा इस प्रकार के लाभ से किसी कर्मचारी को अनुचित तरीके से, खासकर बारीकियों के आधार पर वंचित नहीं किया जाना चाहिए।”

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि पेंशन कोई उपहार नहीं जिसका भुगतान मर्जी से किया जाये, बल्कि यह सेवानिवृत्त कर्मचारी के लिए समाज कल्याण का एक उपाय है, ताकि कर्मचारी नौकरी के बाद भी सम्मानित तरीके से जीवन यापन कर सके।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि पेंशन के प्रावधान को समाज कल्याण के उपाय का एक उदार अभिप्राय माना जाना चाहिए।
इस मामले के अपीलकर्ता वी सुकुमारन ने केरल सरकार के मत्स्य पालन विभाग में सात जुलाई 1976 को 'कैजुअल लेबर रॉल (सीएलआर) वर्कर' (अनियमित कर्मचारी) के तौर पर नौकरी शुरू की थी। उन्होंने वहां 29 नवम्बर 1983 तक यानी सात वर्ष चार माह और 23 दिनों तक सीएलआर कामगार के तौर पर योगदान किया। केरल लोक सेवा आयोग के जिला अधिकारी ने उन्हें कन्नूर जिला स्थित राजस्व विभाग में 'लोअर डिवीजन क्लर्क' (एलडीसी) के रूप में नौकरी करने की सलाह दी और उन्होंने वहां नौकरी शुरू कर दी।
उन्हें 18 सितम्बर 1989 को नौकरी में नियमित कर दिया गया और बाद में उन्हें 'अपर डिवीजन क्लर्क' के रूप में पदोन्नति भी दी गयी थी। सेवानिवृत्ति की उम्र हासिल करने के बाद वह 31 दिसम्बर 2008 को सेवानिवृत्त हो गये। उन्होंने सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले पेंशन संबंधी लाभ के लिए एक रिट याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने कहा था कि सात जुलाई 1976 और 29 नवम्बर 1983 के बीच सीएलआर कामगार के तौर पर उनकी आठ साल की क्वालिफाइंग सर्विस को भी पेंशन में शामिल किया जाये। उनकी रिट याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।
उनकी अपील पर विचार करते हुए खंडपीठ ने कहा कि पेंशन संबंधी प्रावधानों को समाज कल्याण के उपाय के तौर पर उदार अभिप्राय प्रदान किया जाना चाहिए। खंडपीठ में न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी शामिल हैं।
कोर्ट ने कहा :
"इसका अर्थ यह नहीं है कि नियम के विरुद्ध कुछ भी दिया जा सकता है, लेकिन इस बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि इस तरह के पेंशन देने का मूल आधार सेवानिवृत्त कर्मचारी को बुढ़ापे में सम्मानित जीवन जीने के लिए साधन मुहैया कराना है और इस प्रकार के लाभ से कर्मचारी को अनुचित तरीके से, खासकर बारीकियों के आधार पर वंचित नहीं किया जाना चाहिए।"
इस मामले में फैसले की शुरुआत इस टिप्पणी से की गयी :
"पेंशन सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि के लिए एक सहायता है। यह कोई उपहार नहीं है जिसका भुगतान अपनी मर्जी से किया जाये, बल्कि यह सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी के सम्मानित जीवन के लिए समाज कल्याण का एक तरीका है। अपीलकर्ता पिछले 13 साल से पेंशन का अपना दावा करते रहे हैं, लेकिन वह इसमें असफल रहे, जबकि उन्होंने 32 सालों तक विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं।"
प्रांसगिक सर्विस रूल्स को ध्यान में रखते हुए बेंच ने व्यवस्था दी कि अपीलकर्ता द्वारा सीएलआर कामगार के तौर पर दी गयी सेवा भी अन्य सीएलआर कामगारों के समान ही पेंशन संबंधी लाभों में शामिल की जायेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर बकाये पेंशन का भुगतान करने का निर्देश भी दिया।

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बार काउन्सिल ऑफ इण्डिया ने पूरे देश में नए नियम बनने तक किसी भी बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगा दी है।

बार काउन्सिल ऑफ इण्डिया ने पूरे देश में नए नियम बनने तक किसी भी बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगा दी है। आपराधिक इतिहास वाले अधिवक्ता बार एसोसिएशन या बार कॉउन्सिल का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जनवरी 2020 को प्रस्तावित राज्य बार कॉउन्सिल व बीसीआई के अधिवेशन में इस पर अन्तिम निर्णय होगा। इसके साथ ही 10 वर्ष से कम की प्रैक्टिस वाले अधिवक्ताओं को 40 दिवस का निःशुल्क किन्तु अनिवार्य प्रशिक्षण करना होगा तभी उनके लाइसेन्सों का नवीनीकरण हो पाएगा।
मा0 हाईकोर्ट में प्रैक्टिस के लिए कम से कम 2 वर्ष तक जनपद न्याायलय में प्रैक्टिस किया जाना अनिवार्य होगा तभी अधिवक्ता किसी  हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य बन पायेंगे। मा0 सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस के लिए मा0 हाईकोर्ट में 2 वर्ष की प्रैक्टिस अनिवार्य होगी।
 साथ ही बीसीआई मा0 सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्तियों की सेवानिवृत्ति उम्र 68 या 70 वर्ष करने हेतु सरकार के पास प्रस्ताव भेजेगी। PCS (J) में आवेदन हेतु न्यूनतम 3 वर्ष अधिवक्ता के रूप में कार्य करने की अहर्ता को पुनः अनिवार्य करने के लिए मा0 सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करेगी।

गुरुवार, 27 अगस्त 2020

पति को बताए बिना भारी ब्याज पर पैसा उधार लेना, जिसके कारण पति को धमकियं मिलीं, क्रेडिट पर गहने और कपड़े इत्यादि ख़रीदना 'क्रूरता': उत्तराखंंड हाईकोर्ट

 उत्तराखंंड हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को सुनाये एक फैसले में यह साफ़ किया कि अपने पति को सूचित किए बिना, कई व्यक्तियों से ब्याज पर पैसा उधार लेना, क्रेडिट पर खरीदारी करना, अपने घर से गहने और कीमती सामान चोरी करना अपने पति के खिलाफ कई आरोप लगाना, यह सभी हरकतें क्रूरता (Cruelty) की श्रेणी में आएँगी। न्यायमूर्ति नारायण सिंह धनिक एवं न्यायमूर्ति रवि मलिमथ ने यह फैसला उस मामले में सुनाया जहाँ प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, देहरादून द्वारा 7-12-2016 में मुकदमा संख्या 446/2014 में पारित आदेश को अपील में चुनौती दी गयी थी।

दरअसल, उक्त मामले में वादी-पति (प्रतिवादी) का विवाह-विच्छेद (dissolution of marriage) का मुकदमा डिक्री कर दिया गया था। मामले की पृष्ठभूमि राजेश गौड़ (वादी-प्रतिवादी) का विवाह अनीता गौड़ (प्रतिवादी-अपीलकर्ता) के साथ 12-5-1999 को हिंदू रीति-रिवाजों और समारोहों के अनुसार किया गया था। शादी के तुरंत बाद, दंपति मुंबई में स्थानांतरित हो गए जहां वादी-प्रतिवादी अपना व्यवसाय चला रहा था। 3-6-2014 को पति (वादी) ने क्रूरता के आधार पर तलाक की डिक्री की मांग करने हेतु पत्नी (प्रतिवादी-अपीलकर्ता) के खिलाफ हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत एक मुकदमा चलाया।


बुधवार, 26 अगस्त 2020

सुशांत केसः ड्रग्स के इस्तेमाल पर रिया के वकील की सफाई, कहा- जिंदगी में कभी नहीं किया सेवन, कभी भी टेस्ट के लिए तैयार

 

सुशांत की मौत के सिलसिले में पैसों के लेन-देन संबंधी जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ड्रग्स सिंडिकेट एंगल को लेकर नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से संपर्क साधा है.

Sushant Singh Rajput case accused Rhea Chakraborty's lawyer denies drugs use says actress read of blood test

नई दिल्लीः सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर सीबीआई की टीम लगातार जांच में जुटी है. वहीं इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर आए दिन मीडिया में भी कथित तौर पर नए खुलासे और दावे किए जा रहे हैं. हाल ही में ये कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि मामले की मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती नशे के लिए ड्रग्स का इस्तेमाल करती है. रिया के वकील ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है और कहा है कि रिया किसी भी टेस्ट के लिए तैयार हैं.

बीते 2-3 दिनों में सुशांत की मौत के मामले में ड्रग्स के इस्तेमाल का एंगल सामने आया है. इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट में रिया की पुरानी व्हाट्सएप चैट के हवाले से ड्रग्स के इस्तेमाल के दावे किए गए हैं.


इन आरोपों पर रिया के वकील सतीश मानेशिंदे ने सफाई जारी की है. अपने बयान में सतीश ने कहा, “रिया ने अपने जीवन में कभी भी ड्रग्स का सेवन नहीं किया. वह किसी भी वक्त ब्लड टेस्ट के लिए तैयार हैं.”


वहीं, सुशांत की मौत के सिलसिले में पैसों के लेन-देन संबंधी जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ड्रग्स एंगल को लेकर नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से संपर्क साधा है. ईडी ने नार्कोटिक्स ब्यूरो से इस बारे में जानकारी हासिल करने की अपील की है कि कहीं पूरे मामले में कोई ड्रग्स सिंडिकेट तो शामिल नहीं है.


CBI और ED कर रही अलग-अलग जांच


इस पूरे मामले में फिलहाल देश की दो बड़ी एजेंसी- सीबीआई और ईडी- अलग अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं. सुशांत के पिता की शिकायत के बाद बिहार पुलिस ने रिया और उसके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसमें पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्डरिंग का मामला दर्ज किया था.


वहीं, सुशांत के परिवार की मांग पर बिहार सरकार न सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र की तरफ से मंजूरी मिल गई थी. हालांकि, रिया चक्रवर्ती और मुंबई पुलिस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट की ओर से भी जांच को हरी झंडी मिली थी.


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गणपति को प्रसन्न करने के लिए करें इन मंत्रों का जाप

 


Bhagvan गणपति विघ्नकर्ता हैं. भक्तों की सारी मुसीबतें गणपति दूर कर देते हैं. गणेश चतुर्थी से पहले आइए जानते हैं भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए किन मंत्रों का जाप करना चाहिए.

1. श्री महागणपति प्रणव मूलमंत्र: ऊँ ।

 ऊँ वक्रतुण्डाय नम: ।

          पँच अमृत अर्पित करें

 2. श्री महागणपति प्रणव मूलमंत्र: ऊँ गं ऊँ ।

महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।

चंदन की धूप जलाएं.

 3. ऊँ गं गणपतये नम:।

ऊँ श्री गणेशाय नम: ।

दूर्वा जरूर अर्पित करें

4. ऊँ नमो भगवते गजाननाय ।

ऊँ वक्रतुण्डाय हुम् ।

      पंच अमृत अर्पित करें

5. श्री गणेशाय नम: ।

महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।

पूजा में आरती जरूर करें

 6. ऊँ श्री गणेशाय नम: ।

ऊँ गं गणपतये नम:।

दूर्वा जरूर अर्पित करें

 7. ऊँ वक्रतुण्डाय हुम् ।

ऊँ गं ऊँ ।

चँदन की धूप जलायें

 8.ऊँ हीं श्रीं क्लीं गौं ग: श्रीन्महागणधिपतये नम:।

ऊँ ।

लड्डू का भोग लगवायें

 9. हीं श्रीं क्लीं गौं वरमूर्र्तये नम: ।

ऊँ गं गणपतये नम:।

पँच अमृत अर्पित करें

10. हीं श्रीं क्लीं नमो भगवते गजाननाय ।

 ऊँ वक्रतुण्डाय हुम् ।

दूर्वा जरूर अर्पित करें

11.श्री गजानन जय गजानन।

ऊँ गं ऊँ ।

चँदन की धूप जलायें

12.महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।

ऊँ ।

पँच अमृत अर्पित करें

खास उपाय

चाँदी की प्लेट में जल भर कर चाँदी के ठोस हाथी की पूजा करें